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BJP के एक और सांसद ने दिखाई हिम्मत, PM से बोले दलितों को झूठे मुकदमों में फंसा रही योगी सरकार

नई दिल्ली, नेशनल जनमत ब्यूरो। 

पानी जब सर से ऊपर जाने लगता है तो डूबने के डर से दिमाग वाला अादमी खुद को बचाने के लिए हाथ-पांव मारना शुरू कर ही देता है या आवाज लगाकर बचाने की अपील तो करता ही है।

मोदी-शाह के तीन साल से ज्यादा के राज में कुछ असंतुष्टों को छोड़ दें तो किसी भी सामान्य नेता की हिम्मत भी सच्चाई बयां करने की नहीं हुई। लेकिन जातिवाद में डूबी योगी-मोदी सरकार में काम, पोस्टिंग और हनक जाति देखकर मिल रही हो तो समाज से जुड़े नेताओं ने अपना दर्द बयां करना शुरू कर दिया।

बहराइच सांसद सावित्री बाई फुले, रॉबर्ट्सगंज से सांसद छोटेलाल खरवार के बाद अब इटावा से सांंसद अशोक दोहरे ने योगी सरकार की पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि एससी-एसटी के वर्ग के लोगों पर पुलिस बेवजह मुकदमे लाद रही है।

भारत बंद के बाद दलितों पर मामले बढ़े- 

इटावा से भाजपा सांसद अशोक दोहरे ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि दो अप्रैल को हुए भारत बंद के बाद अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों पर अत्याचार हो रहा है.

सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों पर हो रहे अत्याचारों पर नाराज़गी ज़ाहिर की है. पांच अप्रेल को लिखे गए पत्र में सांसद अशोक दोहरे ने आरोप लगाया है कि दो अप्रैल को हुए भारत बंद के बाद अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों को स्थानीय पुलिस झूठे मुकदमे में फंसा रही है.

उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस निर्दोष लोगों को जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए घरों से निकाल कर उनके साथ मारपीट कर रही है. इससे इन वर्गों में गुस्सा और असुरक्षा की भावना बढ़ती जा रही है.

पत्र में सांसद ने आरोप लगाया है कि उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों में भी अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के लोगों को झूठे मुकदमों में फंसाया जा रहा है.

सांसद छोटेलाल ने योगी की शिकायत की- 

इससे पहले उत्तर प्रदेश के रॉबर्ट्सगंज से भाजपा के ही एक अन्य सांसद छोटेलाल खरवार ने बीते पांच अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ख़िलाफ़ शिकायत की थी.

पत्र में सांसद खरवार ने आरोप लगाया है कि वह दो बार योगी आदित्यनाथ से मिलने गए थे, लेकिन मुख्यमंत्री ने उन्हें डांटकर भगा दिया था. खरवार ने यह भी शिकायत की है कि ज़िलाधिकारी उनकी बात नहीं सुनते और उनके साथ भेदभाव करते हैं.

अपने शिकायत पत्र में उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्रनाथ पांडेय और संगठन मंत्री सुनील बंसल का ज़िक्र किया है. इसके अलावा उन्होंने अनुसूचित जाति व जनजाति आयोग में भी शिकायत की है.

उत्पीड़न का आरोप- 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में भाजपा सांसद ने कहा है कि ज़िले के आला अधिकारी उनका उत्पीड़न कर रहे हैं. सांसद छोटेलाल खरवार ने कहा है कि वो पिछले तीन साल से चंदौली ज़िला प्रशासन और वन विभाग में हो रहे भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ आवाज़ उठा रहे हैं, जो उनके संसदीय क्षेत्र से लगा हुआ इलाका है.

उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ जब मुख्यमंत्री बने तो लगा था मामला हल होगा लेकिन उल्टा उनकी ज़मीन को ही वन विभाग की ज़मीन बता दी गई. खरवार ने यह भी आरोप लगाया है कि उनके ख़िलाफ़ पार्टी के क्षेत्रीय नेता साज़िश कर रहे हैं और विपक्षी दलों के साथ मिलकर उनके ख़िलाफ़ काम कर रहे हैं.

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