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छत्तीसगढ़ के रामराज में BJP नेता की गौशाला में 200 से ज्यादा गायों की तड़प-तड़पकर मौत

नई दिल्ली/रायपुर। नेशनल जनमत ब्यूरो 

मौजूदा बीजेपी सरकार की राजनीति गौभक्त, गौगुंडे, गौसेवा तक सिमट कर रह गई है। देशभर में गाय को राजनीतिक पशु बना दिया गया है. इतना ही नहीं बीफ बैन की नौटंकी और बीफ के शक में पीट-पीटकर हत्या के बीच छत्तीसगढ़ से खबर आ रही है कि बीजेपी नेता की गौशाला में 200 से ज्यादा गाएं तड़प-तड़प कर मर गईं।

जो तस्वीरें सामने आई हैं। वो छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले की एक गौशाला की है, जहां चारों ओर मरी हुई गायें पड़ी दिखाई पड़ रही हैं। सूत्रों के मुताबिक इन गायों की मौत भूख के चलते हुई है। दुर्ग के धमधा ब्लॉक के राजपुर क्षेत्र में बीते दो दिनो में 200 गायों की मौत होने की खबर से सियासी हलचल तेज होना लाजिमी है।

गांव के सरपंच सेवाराम साहू ने कहा कि भूखमरी के चलते 200 से ज्यादा गायों की मौत हुई है.

हफ्ते भर के भीतर 200 से ज्यादा गायों की मौत-

दुर्ग जिले के धमधा ब्लॉक के राजपुर गांव स्थित इस गौशाला का संचालन स्थानीय बीजेपी नेता और नगर पालिका के उपाध्यक्ष हरीश वर्मा करते हैं. बताया जा रहा कि इस गौशाला में भूख और प्यास के चलते हफ्ते भर के भीतर दो सौ से ज्यादा गायों की मौत हो गई.

इस घटना की जानकारी गौशाला के संचालकों ने न तो प्रशासन को दी और ना ही पशुपालन विभाग और डाक्टरों को. गौशाला में गायों की स्थिति के बारे में स्थानीय प्रशासन को सूचित करने वाले ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि इस गौशाला में ना तो चारा है और ना ही दाना-पानी और इसी वजह से गायों की मौत हुई है.

शिकायत मिलने के बाद सरकारी अफसरों ने गौशाला का दौरा किया. डॉक्टरों की एक टीम ने भी इस गौशाला का निरीक्षण किया. हालांकि दोनों ही विभागों ने अभी तक कोई रिपोर्ट नहीं दी है।

राज्य सरकार से मिलती है आर्थिक सहायता- 

इस गौशाला में लगभग साढ़े छह सौ गाय हैं और इनकी देखभाल के लिए राज्य गौसेवा आयोग से आर्थिक सहायता भी मिलती है, लेकिन हर महीने कितनी रकम मिलती है, इसका खुलासा ना तो प्रशासन ने किया है और ना ही गौशाला प्रबंधन ने.

कांग्रेस ने उन गायों की गिनती करवाने की मांग की है जिनकी मौत हुई और जिन्हें बिना जानकारी के गौशाला संचालकों ने खाली खेतों में दफना दिया.

सूचना के मुताबिक गौशाला के व्यवस्थापकों ने इन मौतों की घटना को छुपाने के लिए मृत गायों को दफना दिया। फिर भी खबर छिपा नहीं सके। इस गौशाला के बाहर गेट में कमल का फूल यानि बीजेपी का चुनाव चिन्ह बना हुआ है।

प्रारम्भिक सूचना के मुताबिक गौशाला में गायों की मौतों की शिकायत स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से भी की थी और धमधा के एसडीएम राजेश पात्रे गौशाला का मुआयना भी कर चुके हैं। एसडीएम ने जांच के लिए चार सदस्यीय जांच टीम का गठन भी कर दिया है।

वहीं इस घटना के बाद कांग्रेस ने बीजेपी पर जमकर हमला बोला है।

कांकेर में हुई गायों की मौत के बाद यह दूसरी बड़ी घटना है और बीजेपी नेता की गौशाला में गायों की मौत बीजेपी पर सवाल खड़े करती है।

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