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BJP को CM नीतीश की दो टूक, भ्रष्टाचार से समझौता नहीं किया तो साम्प्रदायिकता से क्यों करूंगा

नई दिल्ली, नेशनल जनमत ब्यूरो। 

लगता है बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी अब भाजपा की तानाशाही से आजिज आ चुके हैं। शायद यही वजह है कि उपचुनाव में हार के बाद नीतीश कुमार ने बीजेपी को अपने तेवर दिखा दिए हैं।

महागठबंधन से हटकर एनडीए की सरकार बनाने के बाद पहली बार नीतीश कुमार ने बीजेपी नेताओं के खिलाफ मुंह खोला है। उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार उप चुनावों में हार पर नीतीश कुमार ने कहा कि बीजेपी के दबाव की वजह से ही उन्होंने जहानाबाद विधान सभा सीट पर प्रत्याशी उतारा था।

बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड अध्यक्ष नीतीश कुमार ने बीजेपी नेताओं को दो टूक कहा है कि जब उन्होंने भ्रष्टाचार से समझौता नहीं किया तो साम्प्रदायिकता से भी समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि वो वोट की चिंता नहीं करते हैं।

जाति-धर्म के बंधन में नहीं बंध सकते- 

सीएम ने कहा कि वो राज्य की जनता के प्रति जवाबदेह हैं और इसके लिए वो किसी जाति-धर्म के बंधन में नहीं बंध सकते। नीतीश ने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर दरभंगा में हुई हत्या को साम्प्रदायिक रंग दे रहे हैं जबकि यह पूरी तरह जमीन विवाद से जुड़ा मामला है।

उन्होंने कहा कि जब डीजीपी से इस बारे में पूछा तो उन्हें बताया गया कि यह जमीन विवाद से जुड़ा मामला है। इसके बाद उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने इस बारे में ट्वीट कर लोगों को बताया। बावजूद इसके कुछ लोग इसे मोदी जी के नाम पर चौक का नाम रखने की वजह से हुई हत्या बता रहे हैं, जो गलत है।

क्या था मामला- 

बता दें कि पिछले दिनों दरभंगा के बाबू भदवा में असामाजिक तत्वों ने एक शख्स की गला काटकर हत्या कर दी थी। इसके खिलाफ बीजेपी समर्थित लोगों ने शनिवार (17 मार्च) को केंद्रीय मंत्री की मौजूदगी में नारेबाजी की थी। शनिवार को गिरिराज सिंह के अलावा बिहार बीजेपी के अध्यक्ष नित्यानंद राय भी दरभंगा पहुंचे थे।

ये नेता राज्य सरकार के दावों से उलट मामले को साम्प्रदायिक रंग देने की कोशिशों में जुटे थे। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह तो एक वीडियो में नारेबाजी कर रही भीड़ को यह कहते हुए दिखाई दे रहे थे कि डीएसपी मुर्दाबाद बोलो।

बीजेपी के दबाव में उतारा प्रत्याशी- 

बता दें कि महागठबंधन से हटकर एनडीए की सरकार बनाने के बाद पहली बार नीतीश कुमार ने बीजेपी नेताओं के खिलाफ मुंह खोला है। बिहार उप चुनावों में हार पर भी नीतीश कुमार ने कहा कि बीजेपी के दबाव की वजह से ही उन्होंने जहानाबाद विधान सभा सीट पर प्रत्याशी उतारा था।

उन्होंने कहा कि सामान्यत: मौत से खाली हुई सीटों पर वो अपने उम्मीदवार खड़ा करने के पक्ष में नहीं थे लेकिन बीजेपी बहुत ज्यादा उत्साहित थी और दबाव देकर हमसे उम्मीदवार खड़ा करवाया।

उन्होंने कहा कि उस समय हमने सोचा कि अगर बीजेपी के दबाव के बावजूद उम्मीदवार खड़ा नहीं करते हैं तो कल अगर कुछ परिणाम आया तो उसका दोष हमारे ऊपर ही मढ़ा जाएगा। इसलिए हार जानते हुए भी हमने उम्मीदवार उतारा।

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