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प्रो. कांचा इलैया की पुस्तक का विमोचन और सांसद शरद यादव का सम्मान JNU में कल

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो 

‘मै हिंदू क्यों नहीं हूँ’  जैसी प्रसिद्ध पुस्तक के लेखक प्रोफेसर कांचा इलैया की नई पुस्तक का विमोचन कल (8 जुलाई) जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में किया जाएगा। इसी कार्यक्रम में सामाजिक न्याय के लिए संसद से लेकर सड़क तक संघर्ष करने वाले लोकप्रिय सांसद शरद यादव को वर्ष 2017  के ‘अवार्ड फॉर सोशल जस्टिस’ से नवाजा जाएगा।

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सोशल जस्टिस अवार्ड कमेटी के श्रीमंत जैनेन्द्र ने नेशनल जनमत को बताया चर्चित सांसद और बिहार के पहले समाजवादी विधायक बी.एन. मंडल की स्मृति में हमलोग  इस साल से ही राष्ट्रीय स्तर पर एक पुरस्कार शुरू करने जा रहे हैं | इसे अवार्ड फॉर सोशल जस्टिस नाम दिया गया है। कार्यक्रम दो बजे से जेएनयू के ट्रिपल एस-1 (SSS-1) सभागार में होगा।

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प्रो. कांचा इलैया एक सफर- 

प्रो. कांचा इलैया का जन्म 5 अक्टूबर 1952 को हैदराबाद से सटे वारंगल में हुआ था। वह विद्वान लेखक और दलित अधिकारों के लिए संघर्षरत योद्धा हैं। मौलाना आजाद राष्ट्रीय उर्दू वि.वि. में सेंटर फॉर स्टडी ऑफ सोशल एन्कूलजन एंड एन्क्लूसिव पॉलिसी में वर्तमान में आप निदेशक भी हैं। उनके द्वारा लिखी गई कुछ पुस्तकें –

मैं हिन्दू क्यों नहीं हूँ

हिन्दू धर्म पश्चात भारत- सामाजिक-आध्यात्मिक और वैज्ञानिक क्रांति

भगवान एक राजनीतिक दार्शनिक के रूप में – ब्राह्मणवाद को बुद्ध की चुनौती;

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हमारे समय में श्रम की गरिमा

अछूत भगवान: जाति और रेस पर एक उपन्यास

राष्ट्र और दमनकारी संस्कृति

भैंस राष्ट्रवाद : आध्यात्मिक फ़ासीवाद की आलोचना

दो कैटेगेरी में मिलेगा अवार्ड-  

सामजिक न्याय के लिए किसी भी क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए यह पुरस्कार इस साल से हर वर्ष प्रदान किया जाएग। इसमें दो कटैगरी रखी गयी हैं। पहला लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड होगा जबकि दूसरा युवा पुरस्कार होगा।  इस साल (2017 )में लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड जेडीयू के पूर्व अध्यक्ष और राज्यसंभा सांसद शरद यादव को दिया जा रहा है | युवा पुरस्कार के अंतर्गत कुल पांच युवाओं को सम्मानित किया जायेगा।

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सम्मान समारोह के साथ ही सामाजिक न्याय पर परिचर्चा भी होगी- 

सम्मान समारोह के बाद एक परिचर्चा भी रखी गयी है जिसमें शरद यादव के अलावा चर्चित लेखक कांचा इलैया, चिन्तक सोना झरिया मिंज और प्रोफेसर शरदेन्दु कुमार भाग लेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जेएनयू के प्रोफ़ेसर एस.एन. मालाकार करेंग।  इस अवसर पर कांचा इलैया और हिंदी विभाग, पटना विश्वविद्यालय के अध्यक्ष शरदेन्दु कुमार द्वारा लिखित पुस्तक का विमोचन भी किया जायेगा। अतिथियों का स्वागत बी.एन. मंडल के पौत्र दीपक कुमार करेंगे। कार्यक्रम का संचालन जेएनयू के शोध छात्र जयंत जिज्ञासु और आशिमा करेंगे |

शरद यादव के शानदार सफर पर एक नजर-  

राजनीति की पहली सीढ़ी कही जाने वाली छात्र राजनीति से लेकर राष्ट्रीय राजनीति में पहचान बनाने वाले शरद यादव ने बिहार की राजनीति में भी बड़ा मुकाम हासिल किया है. मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और फिर बिहार में अपना राजनीतिक परचम लहराने वाले शरद यादव बिहार की सत्ताधारी जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. सात बार लोकसभा में पहुंचने वाले शरद यादव के राजनीतिक सफर पर एक नजर…

1. 1 जुलाई 1947 को मध्य प्रदेश के होशंगाबाद में एक गांव में किसान परिवार में जन्म हुआ.

2. पढ़ाई के समय से ही राजनीति में दिलचस्पी रही और 1971 में इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज, जबलपुर मध्यप्रदेश में छात्र संघ के अध्यक्ष चुने गए. छात्र राजनीति के साथ वह पढ़ाई में भी अव्वल रहे और B.E. (सिविल) में गोल्ड मेडल जीता.

3. डॉ. राम मनोहर लोहिया के विचारों से प्रेरित होकर सक्रिय युवा नेता के तौर पर कई आंदोलनों में हिस्सा लिया और MISA के तहत 1969-70, 1972 और 1975 में हिरासत में लिए गए.

4. मंडल कमीशन की सिफारिशों को लागू करने वाले में अहम भूमिका निभाई.

5. पहली बार 1974 में मध्य प्रदेश की जबलपुर लोकसभा सीट से सांसद चुने गए. यह जेपी आंदोलन का समय था और वह हल्दर किसान के रूप में जेपी द्वारा चुने गए पहले उम्मीदवार थे.

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6. 1977 में भी वह इसी लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर संसद में पहुंचे. उस वक्त वह युवा जनता दल के अध्यक्ष थे.

7. 1986 में वह राज्यसभा से सांसद चुने गए और 1989 में यूपी की बदाऊं लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर तीसरी बार संसद पहुंचे.

8. 1989-90 में टेक्सटाइल और फूड प्रोसेसिंग मंत्रालय में केंद्रीय मंत्री रहे.

9. 1991 से 2014 तक शरद यादव बिहार की मधेपुरा सीट से सांसद रहे.

10. 1995 में उन्हें जनता दल का कार्यकारी अध्यक्ष चुना गया और 1996 में वह पांचवी बार लोकसभा का चुनाव जीते.

11. 1997 में उन्हें जनता दल का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया.

12. 13 अक्टूबर 1999 को उन्हें नागरिक उड्डयन मंत्रालय का कार्यभार सौंपा गया और एक जुलाई 2001 को वह केंद्रीय श्रम मंत्रालय में कैबिनेट मंत्री चुने गए.

13. 2004 में वह राज्यसभा से दूसरी बार सांसद बने और गृह मंत्रालय के अलावा कई कमेटियों के सदस्य रहे.

14. 2009 में वह 7वीं बार सांसद बने और उन्हें शहरी विकास समिति का अध्यक्ष बनाया गया.

15. 2014 के लोकसभा चुनावों में उन्हें मधेपुरा सीट पर हार का सामना करना पड़ा.

16. वर्तमान में जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा से सांसद हैं.

 

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