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स्कूली बच्चों के दिमाग में प्रतियोगिता के नाम पर हिन्दुत्व का बीज बोना चाहती है बीजेपी !

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो

सरकार कोई भी हो काम सभी अपने एजेंडे और अपनी मानसिकता के हिसाब से ही करती हैं। लेकिन जब एजेंडा थोपने की हद तक बढ़ जाता है तब विरोध के स्वर सुनाई पड़ने लगते हैं। वर्तमान बीजेपी सरकार संघजनित राष्ट्रवाद और हिन्दुत्व के एजेंडे पर आगे बढ़ते हुए उसे स्कूली बच्चो के दिमाग में डाल देना चाहती है।

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उत्तर प्रदेश में दीनदयाल उपाध्याय की जन्मशती पर होने वाली एक प्रतियोगिता की तैयारी के नाम पर स्कूलों में बांटी जानी वाली एक किताब में लिखी गईं जानकारियां तो कम से कम इस बात की तस्दीक कर ही रही हैं कि बीजेपी स्कूली बच्चों के दिमाग में कैसे हिन्दुत्व के बीच बोना चाहती है। अगर ऐसा नही है तो प्रथम प्रधानमंत्री का नाम बुकलेट से कैसे गायब कर दिया गया है।

भारत हिंदू राष्ट्र है, स्वामी विवेकानंद ने शिकागो धर्म सभा में हिंदुत्व का प्रतिनिधित्व किया था जैसी बातें उस बुकलेट में हैं, जो भाजपा द्वारा उत्तर प्रदेश में दीनदयाल उपाध्याय की जन्मशती पर होने वाली एक प्रतियोगिता की तैयारी के लिए करीब 9,000 स्कूलों में बांटी जाएंगी.

प्रतियोगिता के नाम पर हिन्दुत्व का प्रचार- 

पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जन्मशताब्दी के उपलक्ष्य में उत्तर प्रदेश में भाजपा द्वारा करीब 9 हज़ार स्कूलों में एक सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता आयोजित करवाई जा रही है, पर इस प्रतियोगिता की तैयारी के लिए छात्रों को दी गई किताब सामान्य ज्ञान से ज़्यादा पार्टी की हिंदुत्व की विचारधारा की प्रचार सामग्री ज़्यादा लगती है.

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बीजेपी द्वारा बांटी जाने वाली बुकलेट में कुछ सवाल ऐसे हैं जो बच्चों के ब्रेनवॉश का सुनियोजित एजेंडा लग रही है-

उदाहरण देखिए- 

स्वामी विवेकानंद ने शिकागो धर्मसभा में किस धर्म का प्रतिनिधित्व किया:
हिंदुत्व

डॉ. आम्बेडकर ने हरिजनों के प्रति गांधी एवं कांग्रेस के दावे को चुनौती देते हुए कौन-सा लेख लिखा था?
कांग्रेस एंड गांधी हैव डन

महाराजा सुहेलदेव ने किस मुस्लिम आक्रांता को गाजर मूली की तरह काट दिया था?
सैय्यद सालार मसूद गाज़ी

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डॉ. मुखर्जी ने किस दल की स्थापना की थी?
जनसंघ

राम जन्मभूमि कहां स्थित है?
अयोध्या

भारत हिंदू राष्ट्र है किसने कहा था?
केशव बलिराम हेडगेवार

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बताया जा रहा है कि इस सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में 100 बहुविकल्पीय सवाल पूछे जाएंगे, जिसकी तैयारी के लिए उत्तर प्रदेश के स्कूलों में बांटी गई 70 पेज की बुकलेट इस तरह के प्रश्नों से भरी है.

बातों को अपने ढ़ंग से मोड़ने का प्रयास- 

हालांकि गौर करने वाली है कि यहां पूछे गए आम्बेडकर से जुड़े सवाल का सही जवाब ‘व्हाट कांग्रेस एंड गांधी हैव डन टू अनटचेबल्स’ है,इसमें अनटचेबल्स शब्द  गायब कर दिया गया है. साथ ही आम्बेडकर ने ‘रिडल्स ऑफ हिंदूइज़्म’ और ‘एनिहिलेशन ऑफ कास्ट’ नाम की किताबें भी लिखी हैं, पर इन  किताबों को ज़्यादा महत्त्व ना देना दिखाता है कि इन किताबों से जुड़े सवाल शायद भाजपा के मकसद को पूरा नहीं करते.

वहीं विवेकानंद ने शिकागो में हिंदू धर्म का प्रतिनिधित्व किया था न कि इसके राजनीतिक रूप ‘हिंदुत्व’ को, पर शायद इस बुकलेट का उद्देश्य सही जानकारी देने से अलग है.

31 जुलाई को लखनऊ में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह द्वारा रिलीज़ की गई इस बुकलेट में राष्ट्रवाद, हिंदुत्व जैसे मुद्दों सहित दीनदयाल उपाध्याय, केबी हेडगेवार, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, वीर सावरकर और नानाजी देशमुख जैसे आरएसएस के विचारकों और नेताओं के बारे में भी जानकारी दी गई है.

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मोदी सरकार की उपलब्धियां भी हैं- 

इस बुकलेट में भाजपा के राम जन्मभूमि एजेंडा के सवाल के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लागू की गई नोटबंदी जैसी योजना, योगी आदित्यनाथ सरकार से जुड़े सवाल भी हैं. ज्ञात हो कि भाजपा के दावे के अनुसार राम जन्मभूमि ठीक उसी जगह है, जहां बाबरी मस्जिद थी, जिसे 6 दिसंबर 1992 को हिंदू कट्टरवादियों द्वारा ध्वस्त कर दिया गया था.

प्रतियोगिता की तैयारी की जा रही है वो 26 अगस्त को पार्टी के विचारक पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जन्मदिन पर होनी है. इसके लिए रजिस्ट्रेशन मंगलवार 1 अगस्त से शुरू हो चुका है, जो 16 अगस्त तक जारी रहेगा. इसके लिए प्रति विद्यार्थी 5 रुपये शुल्क भी लिया जा रहा है. दैनिक जागरण के अनुसार यह प्रतियोगिता केवल 9वीं और 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए है.

इस प्रतियोगिता के लिए दिए सिलेबस में आरएसएस को दुनिया का सबसे बड़ा सामाजिक संस्थान बताते हुए संगठन की तारीफ की गई है. साथ ही नोटबंदी और जन धन योजना जैसी कई सरकारी योजनाओं की प्रशंसा की गई है.

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प्रथम प्रधानमंत्री का नाम गायब- 

इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के अनुसार ‘बुकलेट में भारत में प्रथम’ शीर्षक के अंदर पहले गवर्नर जनरल, राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, लोकसभा स्पीकर, उपप्रधानमंत्री, क़ानून मंत्री, औद्योगिक मंत्री, पहली महिला राज्यपाल, पहली महिला मुख्यमंत्री जैसे तमाम प्रतिष्ठित व्यक्तियों से जुड़ी जानकारियां दी गईं हैं, पर यहां प्रथम प्रधानमंत्री का नाम नदारद है.

भाजपा के राज्य सचिव सुभाष यदुवंश ने पत्रकारों से बाते करते हुए कहा कि इस प्रतियोगिता में 9 लाख बच्चों के हिस्सा लेने की उम्मीद है, साथ इसे आयोजित करवाने की तैयारी में 2 लाख पार्टी कार्यकर्ता लगे हुए हैं. उन्होंने कहा, ‘आने वाली पीढ़ियों को इतिहास के उन महान लोगों और नायकों के बारे में पता होना चाहिए।

जिनके बारे में अब तक लोगों को नहीं बताया गया है. साथ ही, यह तो सच है कि आरएसएस सबसे बड़ा सामाजिक संगठन है. इस बुकलेट में दिए गए सभी तथ्य सही हैं और इसी से सवाल पूछे जाएंगे. लोगों को हिंदुत्व के बारे जानना चाहिए क्योंकि ये एक अच्छी जीवनशैली है.’

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