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रामराज्य: दलित SHO ने फायरिंग कर रहे ‘ब्राह्मण’ को रोका, SP ने मंगवाई माफी फिर छुट्टी पर भेजा

नई दिल्ली, नेशनल जनमत ब्यूरो। 

विभिन्न प्रदेशों की भारतीय जनता पार्टी की सरकारें रामराज्य का कितना भी ढिंढोरा पीटें लेकिन जमीनी हकीकत ये है कि सरकारें जातिवाद से ऊपर नहीं उठ पा रही हैं। भाजपा शासित प्रदेशों से कोई ना कोई ऐसी खबर आ ही जाती है जो साबित कर देती हैं कि दलितों के प्रति बीजेपी का प्रेम सिर्फ दिखावे से ज्यादा और कुछ नहीं।

जातिवाद के जहर को बयां करने वाली हालिया घटना वसुंधरा राजे के रामराज्य यानि राजस्थान की राजधानी जयरपुर की है। जहां एक दलित थानाध्यक्ष को अपने फर्ज निभाने की सजा के बतौर ना सिर्फ माफी मांगनी पड़ी बल्कि उसे छुट्टी पर भी भेज दिया गया।

फायरिंग करने से रोका था एक ब्राह्मण को- 

खबर के अनुसार जयपुर में परशुराम रैली निकाल रहे सर्व ब्राह्मण सभा के सदस्य हाथों में हथियार लहरा रहे थे. इसी बीच में हवाई फायर कर रहे एक युवक से थानाध्यक्ष ने गन छीन ली. इसके बाद मौके पर पहुंचे एसपी के सामने ही एसएचओ को हाथ जोड़कर माफी मांगनी पड़ी.

प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो हथियार लहराने से रोकने पर भीड़ मे शामिल ब्राह्मण सभा के लोगों ने दलित एसएचओ पर ब्राह्मणों को अपशब्द कहने का आरोप लगाते हुए हटाने की मांग करने लगे।

एसपी हुए नतमस्तक- 

मौके पर पहुंचे एसपी ने अपने थानाध्यक्ष का साथ ना देकर भीड़ को अलग तरह से ही समझाना शुरू किया. एसपी बोले हम सब हिंदू एक हैं और हमारे देवता एक हैं. बाहर लोग हमारे लड़ने का इंतजार कर रहे हैं।

एसपी का रवैया देख एसएचओ ने भी अपनी ड्यूटी निभाने के लिए उत्पातियों से माफी मांग ली. राज्य के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया एक कदम और आगे निकल गए उन्होंने कहा एसएचओ माफी नहीं मांग रहा था बल्कि भगवान परशुराम को हाथ जोड़ रहा था.

रैली में फरसा लहरा रहे थे युवक- 

एक तरफ सर्व ब्राह्मण सभा ने अपने बचाव में आरोप लगाया कि थाने के दलित थानाध्यक्ष ने रैली निकाल रहे ब्राह्मणों को अपशब्द कहे और भगवान परशुराम का अपमान किया है.

जबकि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने बताया कि रैली में लोग फरसा-तलवार लेकर शामिल हुए थे और एक युवक एयर गन से बार-बार फायर कर रहा था. समझाने पर जब वो नहीं माना तो एसएचओ ने उससे बंदूक छीनकर थाने में रख ली थी.

बस इसके बाद भीड़ में शामिल लोगों ने थाने का घेराव कर दिया और दलित एसएचओ पर जातिगत आरोप लगाते हुए उसे हटाने की मांग करने लगे.

एसपी कुंवर राष्ट्रदीप का इस मामले में कहना है कि माफी मांगने के अलावा हमारे पास कोई चारा नहीं था, नहीं तो मामला जातिगत झगड़े में बदल जाता.

थानाध्यक्ष बोले मुझे ड्यूटी निभाने की सजा मिली- 

एसएचओ ने एसपी के कहने पर माफी तो मांग ली लेकिन माफी मांगते हुए कहा कि अपनी ड्यूटी ईमानदारी से निभाने के बदले उसे इस तरह से सजा देना ठीक नहीं है. लोग हथियार लहरा रहे थे उन्हें रोकना मेरा धर्म था.

पुलिसवाले ने गलती की या नहीं मगर माफी मांग ली लेकिन ब्राह्मण समाज के नेता कह रहे हैं कि पुलिस की गलती थी. सर्व ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष सुरेश मिश्रा का कहना है कि हमने जो किया वो ठीक किया है.

घटना के वीडियो को सरकार ने कब्जे में ले लिया है. ब्राह्मण समाज की तरफ से जारी वीडियो में किसी के पास भी एसएचओ की बदतमीजी का कोई रिकार्ड नहीं है, फिर भी माफी उसी को मांगनी पड़ी.

एसएचओ छुट्टी पर चले गए हैं और उपद्रव करनेवालों के खिलाफ कोई केस नहीं दर्ज किया गया है. मालूम रहे पिछले दिनों ही ब्राह्मणों को खुश करने के लिए वसुंधरा राजे ने परशुराम जयंती की छुट्टी की थी.

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