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BSP अध्यक्ष मायावती ने 2 दलित नेताओं को पार्टी से निकाला, नेता का आरोप 20 लाख की डिमांड थी

लखनऊ, नेशनल जनमत ब्यूरो।

बहुजन समाज पार्टी से नेताओं के बाहर किए जाने का और पार्टी छोड़ देने का दौर थम नहीं रहा है। बसपा अध्यक्ष मायावती यूपी विधानसभा चुनाव से लेकर अब तक कई नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा चुकी हैं। लेकिन इस बार दलित समाज के दो नेताओं ने पार्टी से निकाले जाने के बाद उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

मिश्रिख लोक सभा क्षेत्र के पूर्व बीएसपी सांसद अशोक कुमार रावत और 2014 के लोक सभा चुनाव में मिश्रिख लोक सभा क्षेत्र से बीएसपी उम्मीदवार मनीष कुमार रावत को मायावती ने पार्टी से निकाल दिया है। मनीष कुमार रावत, अशोक कुमार रावत के भाई हैं।

हालांकि इस बारे में बीएसपी के आला नेताओं का कहना है दोनों नेताओं को पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण निकाला गया है। वहीं पार्टी से बाहर किए गए मनीष कुमार रावत का कहना है, मायावती ने उनसे बीस लाख रुपए मांगे थे। मनीष कुमार ने कहा, ‘मेरे पिताजी बिस्तर से उठ नहीं पा रहे। उनको सर्वाइकल है और बायपास सर्जरी करवानी है।

मैंने मायावती को बोला कि मैं पैसे नहीं दे पाउंगा, शायद इसलिए ही मुझे निकाल दिया गया। मैंने 15 साल पार्टी के लिए काम किया लेकिन अब उनके लिए मैं किसी काम का नहीं रहा।’

मनीष कुमार के मुताबिक, बीएसपी में पैसे की मांग रिकॉर्ड तोड़ती जा रही है इसलिए लोग पार्टी छोड़ रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, नेता जो कि अभी पार्टी में हैं वे नहीं बोलेंगे लेकिन वे भी तंग आ गए हैं। मनीष ने फिलहाल कोई पार्टी ज्वॉइन नहीं की है लेकिन अपने समर्थकों ने उन्होंने कह दिया है कि वह जल्द ही कोई फैसला लेंगे। उनके चाचा रामपाल वर्मा हरदोई के बालामऊ विधानसभा से बीजेपी विधायक हैं।

आपको बता दें, बीएसपी से बाहर किए गए नेताओं की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले इंद्रजीत सरोज ने सपा ज्वाइन कर ली थी। पिछले छह महीने में बीएसपी ने 12 नेताओं को पार्टी निकाला है। बसपा नेताओं का कहना है कि ये सभी नेता पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल थे। वही निकाले गए नेता पैसे का आरोप लगा रहे हैं।

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