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योगीराज: सरकार ने 12460 BTC अभ्यर्थियों के हाथ से छीन ली नौकरी, 12 दिनों से लखनऊ में चल रहा है प्रदर्शन

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो 

युवकों को लुभाने के लिए रोजगार देने का वादा करके केन्द्र और प्रदेश में सत्ता में आई मोदी-योगी सरकार अपना वायदा पूरा करना तो दूर उलटे रोजगार खत्म करने पर ही तुली हुई है। शिक्षा मित्रों के प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट में ठीक से पैरवी ना करने का आरोप झेल रही योगी सरकार को अब एक और बड़े आंदोलन की चेतावनी मिल रही है।

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योगी सरकार को ये चेतावनी बीटीसी प्रशिक्षण प्राप्त करके शिक्षक बनने जा रहे 12460 बीटीसी अभ्यर्थियों ने दी है। योगी सरकार के एक फैसले ने इनके और इनके परिवार के सपनों पर ग्रहण लगा दिया है। फिलहाल बीटीसी अभ्यर्थी बड़ी तादात में एकत्र होकर  17  मार्च से  ही लगातार लखनऊ के लक्ष्मण मेला मैदान में प्रदर्शन करके शासन-प्रशासन का ध्यान खींचने की कोशिश कर रहे हैं।

अर्धनग्न प्रदर्शन कर चुके हैं-    

25 मार्च को बीटीसी अभ्यर्थियों का आक्रोश बढ़ा तो नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारी 12,460 सहायक अध्यापकों के पदों पर काउंसिलिंग के बाद लगाई गई रोक हटाने की मांग करते हुए सड़कों पर उतर गए और विधानसभा की तरफ बड़ी संख्या में कूच कर गए। हालांकि प्रदर्शन स्थल से निकलने की कोशिश कर रहे अभ्यर्थियों को पुलिस ने रोक दिया। इसके विरोध में प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर ही अर्द्धनग्न होकर नारे लगाए और प्रदर्शन किए।

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सिर्फ नियुक्ति पत्र मिलना बाकी रह गया था- 

 

नियुक्तियों पर रोक का आदेश

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12460 सहायक अध्यापक का नोटिफिकेशन दिसम्बर 2016 को सपा सरकार में आया था।

जिसमे 18 से 21मार्च 2017 में काउन्सलिंग प्रकिया पूरी की गई।

योगी सरकार ने 23 मार्च को भर्ती पर समीक्षा के नाम पर रोक लगा दी।

4 महीने से रोके से हैं नियुक्ति- 

आंदोलनकारी बीटीसी अभ्यर्थी देवप्रकाश पटेल ने बताया कि इस भर्ती में चयनित अभ्यर्थियों को केवल नियुक्ति पत्र देना बाकी थी। लेकिन सरकार बनते ही योगी सरकार ने इस पर रोक लगा दी अब समीक्षा के नाम पर 4 महीने से इसे रोक कर रखा है। जबकि भर्ती प्रकिया पूरी साफ सुथरी है।

देवप्रकाश ने कहा कि जिस नियम पर यह भर्ती हो रही थीं, उसी नियम पर पिछले कई सालों में 99 हजार सहायक अधयापकों की नियुक्तियां हो चुकी हैं, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने भी सही माना है। शिक्षा मित्रों का समायोजन रद्द होने से प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक की बहुत कमी हो गयी है फिर भी सरकार हम लोग की नियुक्ति नही करा रही है।

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आंदोलन की चेतावनी- 

आंदोलनकारी अभ्यर्थियों देवप्रकाश पटेल, सनी सिंह. आशीष सिंह, आशीष यादव, अतुल द्विवेदी ने ‘नेशनल जनमत’ से बातचीत में कहा कि 12 दिन हो गए सरकार को ना हमारी ना हमारें परिवारों की चिंता है. जबकि हम सारी प्रक्रिया को पूर्ण करके शिक्षक बनने जा रहे थे। अंतिम समय में सरकार ने अड़ंगा लगा दिया। अब हम ज्यादा दिन चुप बैठने वाले नहीं हैं शांतिपूर्ण प्रदर्शन से अगर सीएम तक आवाज नहीं पहुंच रही है तो हमें मजबूरन प्रदर्शन को आंदोलन का रूप देना पड़ेगा। हम नहीं चाहते कि कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न हो।

 

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