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बुंदेलखंड के उरई में आरक्षण समर्थकों का प्रदर्शन, चेतावनी आरक्षण को छेड़ा तो छेड़ेंगे आंदोलन

नई दिल्ली/बुंदेलखंड। नेशनल जनमत ब्यूरो 

नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार के आरक्षण विरोधी निर्णयों के खिलाफ पूरे देश में जनाक्रोश पनप रहा है। आरक्षित वर्ग से आने वाले लोग ओबीसी पीएम के नाम पर खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं. ऐसे में मेडीकल के बाद अब इंजीनियरिंग परीक्षा में भी ओबीसी-एससी-एसटी वर्ग के छात्र-छात्राओं के साथ की गई धोखाधड़ी से लोगों में जबर्दस्त उबाल है.

आरक्षित वर्ग से जुड़े प्रबुद्ध लोग अपने गुस्से का इजहार अपने-अपने ढ़ंग से कर भी रहे हैं कोई सोशल मीडिया पर अपना दुख और आक्रोश व्यक्त कर रहा है तो कोई सड़क पर उतरकर प्रदर्शन कर रहा है. अब सरकार से इस आरक्षण विरोधी कदम की आग बुंदेलखंड तक पहुंच गई है. शुक्रवार को जालौन जिले के मुख्यालय उरई में कई संगठनों ने सामूहिक प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ हल्ला बोला।

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ओबीसी-एससी वर्ग के संगठनों ने सामूहिक रूप से विरोध जताया- 

आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति (ABSA), डॉ. अम्बेडकर स्टूडेंट फ्रंट ऑफ इंडिया ( DASFI) एवं एससी/एसटी बेसिक टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन के संयुक्त तत्वाधान में किए गए प्रदर्शन में सरकार को सख्त लहजे में चेतावनी दी गई कि आरक्षण पर हमला किसी कीमत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

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केन्द्र सरकार के आरक्षण विरोधी फैसलों के खिलाफ आक्रोश- 

आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष मनीष निरंजन ने बताया कि-

मेडीकल और इंजीनियरिग परीक्षा में  एससी/एसटी/ओबीसी के छात्रों को सामान्य श्रेणी की सीट पर चयन न करने।

मजबूत आरक्षण कानून बनाने ।

मंडल आयोग की ओबीसी को लेकर सभी सिफारिशें लागू करने।

पदोन्नति में आरक्षण बहाल करने।

वंचित समाज पर प्रदेश में हो रहे अन्याय अत्याचार व शोषण के विरुद्ध  15 सूत्रीय अन्य मांगों के समर्थन में कलेक्ट्रेट में धरना देकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री राज्यपाल, मुख्यमंत्री के नाम अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा एवं समस्याओं के निस्तारण की मांग की ।

संविधान से मिले हक को  छीन रही है बीजेपी सरकार- 

जिला संयोजक चौ0 सुंदर सिंह शास्त्री ने कहा कि एक ओर केंद्र सरकार दलित, पिछड़ों को रिझाने के लिए दलित राष्ट्रपति बना रही है। वहीं उनके संविधान प्रदत्त अधिकारों को खत्म कर उन्हे पंगु भी बनाना चाह रही है । इसका जीता जागता उदाहरण मेडीकल और इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षा में दलित पिछड़े वर्ग के हजारों छात्रों को ओपन सीट पर जगह ना देना है.

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Dasfi के प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप गौतमडॉ.धर्मेंद्र कुमार ने संयुक्त रूप से कहा कि केंद्र व राज्य सरकारें आरक्षित वर्गों के साथ भारी भेदभाव कर रही है विश्वविद्यालयों में नियुक्ति, फीस, वजीफा व प्रवेश को लेकर छात्रों को परेशान किया जाता है ।

धरना सभा का संचालन मिस्टर सिंह ने एवं अध्यक्षता गंगाराम भास्कर ने की. इस दौरान ABSS के जिलाध्यक्ष मनीष निरंजन, अंजू चौधरी, के0 के0 शिरोमणि, रामसनेही बाबू जी, अजय प्रकाश, दीपेंद्र, कुसुमलता, शिवम कुमार, श्रद्धानंद वर्मा, अमित, अखिलेश श्रीवास, उमाकांत धुरिया, प्रदीप गौतम, विजय, बद्रीप्रसाद जाटव, मोहित बाबू, रमाकांत शाक्यवार, रविन्द्र कुमार, प्रेमकुमार सिंह, रामकुमार गौतम, अरविंद कुमार, टी0 आर0 मौर्या, देवेंद्र आदि ने संबोधित किया ।

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