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ओबीसी कोटे से नेट पास करने वाले हरियाणा के जाटों को हाईकोर्ट ने अयोग्य करार दिया

चंडीगढ़। नेशनल जननमत ब्यूरो

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने ओबीसी प्रमाण पत्र के आधार पर नेट परीक्षा पास करने वाले जाट उम्मीदवारों को तगड़ा झटका दिया है. हाई कोर्ट ने ओबीसी कोटे से नेट परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारो को अयोग्य करार दे दिया है. फैसले के बाद छात्रों में गहरी निराशा है.

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क्या कहा हाईकोर्ट ने-

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की नेट परीक्षा पास करने वाले जाट उम्मीदवारों याचिका खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि यदि इन छात्रों का परिणाम सुप्रीम कोर्ट द्वारा आरक्षण की अधिसूचना रद्द करने से पहले आता तो ही वह ओबीसी का लाभ ले पाते. मगर यूजीसी ने नेट का परिणाम सुप्रीम कोर्ट के 17 मार्च 2015 के फैसले के बाद घोषित किया, ऐसे में उनको आरक्षण का लाभ नहीं मिल सकता.

हरियाणा सरकार ने दिया था जाट आरक्षण-

गौरतलब है कि हरियाणा सरकार ने जाट जाति को ओबीसी में शामिल किया था. इसके बाद जाट उम्मीदवारों ने दिसम्बर 2014 की यूजीसी नेट की परीक्षा दी और ओबीसी के आधार पर उसे पास भी कर लिया. बाद में यूजीसी ने मई 2016 को इन छात्रों को अयोग्य करार दे दिया. यूजीसी का तर्क था कि जब सुप्रीम कोर्ट ने रद कर दिया है तो इनको ओबीसी का लाभ नहीं दिया जा सकता. यूजीसी के इस फैसले के खिलाफ प्रभावित छात्रों ने हाई कोर्ट की शरण ली थी.

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