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चारा घोटाला में जगन्नाथ मिश्रा बरी, लालू यादव दोषी, BJP सांसद शत्रुघ्न ने बताया ‘जनता का हीरो’

नई दिल्ली, नेशनल जनमत ब्यूरो।  

मीडिया द्वारा अघोषित तौर पर देश का सबसे बड़ा घोटाला साबित कर दिए गए चारा घोटाले के मामले में तत्कालीन मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा को क्लीन चिट मिलना और लालू प्रसाद यादव को दोषी करार दिया जाना लोगों के गले नहीं उतर रहा।

रांची की सीबीआई की विशेष अदालत ने शनिवार को जैसे ही राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद को दोषी करार दिया। सोशल मीडिया पर ये खबर वायरल हो गई। लोग अपने ढ़ंग से इस खबर का विश्लेषण भी करने लगे।

सोशल मीडिया पर आ रहीं प्रतिक्रियाओं में किसी ने इसे न्याय की जीत कहा तो किसी ने सत्ता पक्ष की साजिश करार दिया। इस बीच बीजेपी के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने लालू प्रसाद यादव को जनता का हीरो करार दिया।

कोर्ट ने लालू यादव को 89 लाख रुपये के घोटाले का दोषी माना है। सजा का ऐलान 3 जनवरी को होगा। फैसला आते ही पुलिस ने लालू को कब्जे में ले लिया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, लालू को अब नए साल की शुरुआत तक जेल में ही रहना होगा। हालांकि, जगन्नाथ मिश्र, ध्रुव भगत और विद्यासागर समेत कई आरोपी बरी कर दिए गए हैं।

शत्रुघ्न बोले लालू का न्याय मिले- 

फैसले से पहले ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने लालू को ‘जनता का हीरो’ बताया है। अदालत के इस फैसले से पहले शत्रुघ्न सिन्हा ने लालू प्रसाद यादव को ‘जनता का हीरो’ करार देते हुए ट्वीट कर कहा, ‘मैं प्रार्थना करता हूं कि देश के दोस्त, जनता के हीरो, दलितों-वंचितों के पसंदीदा, सिर्फ और सिर्फ लालू प्रसाद यादव को न्याय मिले। सत्यमेव जयते।’

राजद बोला फंसाया जा रहा है- 

राजद नेता मनोज झा ने कहा कि लालू यादव ने कोई गलती नहीं की और उन्हें जान-बूझकर फंसाया गया है। उन्होंने कहा कि न्यायालय पर हमारा पूरा विश्वास है और लालू यादव बरी किए जाएंगे। लालू ने ही इस मामले की जांच के आदेश दिए थे।

राजद के उपाध्यक्ष और चारा घोटाला को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ने वाले शिवानंद तिवारी ने कहा, ‘‘नीतीश को सत्ता में लाने के लिए लालू के खिलाफ मामला दर्ज कर मैंने बड़ा पाप किया और आज मुझे ग्लानि हो रही है।’’

उन्होंने कहा कि इस मामले में लालू यादव पहले भी जेल जा चुके हैं, लेकिन अब क्या और क्यों फैसला आ रहा है? ये बात समझ से परे है। उन्होंने कहा कि लालू का जो जनाधार है उसे खत्म करने के लिए ये सब किया जा रहा है।

गौरतलब है कि सात बार के विधायक राउत पहले भी विवादों में रहे हैं। उन्होंने अक्तूबर में भाजपा की एक महिला नेता और आंगनवाड़ी सेविकाओं के खिलाफ विवादित टिप्पणी की थी। पिछले 17 सालों में ऐसा तीसरा मौका है जब विभिन्न कारणों से राउत का मंत्री पद वापस लिया गया है।

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