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सुबह छेड़छाड़ केस में BJP अध्यक्ष के बेटे की जमानत खारिज हुई, शाम को पीड़िता के IAS पिता का तबादला हो गया

नई दिल्ली/चंडीगढ़। नेशनल जनमत ब्यूरो।

चाल, चरित्र और चेहरे की बात करने वाली बीजेपी की सरकार हर वो काम करती है जो दूसरी पार्टियां या नेता करते हैं। फर्क बस इतना है कि बीजेपी बड़ी ही चालाकी से अपने अनैतिक कामों को राष्ट्रवाद के शोर में दबा जाती है और सोशल मीडिया में बैठे उसके पेड प्रोफेशनल बीजेपी के चरित्र को छद्म माहौल बनाकर लोगों तक पहुंचने ही नहीं देते। खबर हरियाणा के रामराज से है।

हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर सरकार ने पर्यटन विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी वीरेंद्र कुंडू का ट्रांसफर कर दिया है। उन्हे एडिशनल चीफ सेक्रेटरी विज्ञान और तकनीक में शिफ्ट कर दिया गया है। इस विभाग को कम महत्वपूर्ण माना जाता है।

ऐसा माना जा रहा है कि हरियाणा बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला के खिलाफ खड़े हो जाना तबादले की वजह है। कुछ दिनों पहले हरियाणा बीजेपी अध्यक्ष के बेटे विकास बराला और उसके दोस्त आशीष कुमार को वीरेन्द्र कुंडु की बेटी वर्णिका का पीछा करके किडनैप करने की कोशिश में अरेस्ट किया गया था।

वर्णिका कुंडू चंडीगढ़ में बतौर डीजे काम करती थीं। एक दिन जब वह घर लौट रही थीं तब उनके साथ यह हादसा हुआ था। वीरेंद्र कुंडू के तबादले को लेकर कांग्रेस ने हरियाणा सरकार की आलोचना की है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा, ‘अपनी बेटी वर्णिका कुंडू के न्याय के लिए भाजपा के खिलाफ उतरने की अधिकारी को सजा दी गई हैं।’

वहीं तबादले को लेकर वीरेंद्र कुंडू ने कहा, यह सरकार पर निर्भर करता है कि मेरी क्षमताओं को देखते है मुझे कहां नियुक्त करती है। मुझे इसमें कोई दिक्कत नहीं है। मैंने कभी भी मेरे ट्रांसफर ऑर्डर रुकवाने की कोशिश नहीं की।’

बताते चलें वीरेंद्र कुंडू के तबादले वाले दिन चंडीगढ़ की एक अदालत ने हरियाणा बीजेपी चीफ सुभाष बराला के बेटे विकास की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। भाजपा नेता के बेटे पर 29 वर्षीय युवती का पीछा करने, उसे अगवा करने की कोशिश करने का मामला दर्ज है।

आपको बता दें, सीनियर आईएस अधिकारी वीरेंद्र कुंडू की बेटी वर्णिका कुंडू ने पिछले महीने विकास बराला और उसके दोस्त पर पीछा करने का आरोप लगाया था। वर्णिका की शिकायत पर दोनों आरोपियों को 4 और 5 अगस्त को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन उसके बाद दोनों को जमानत मिल गई थी।

ऐसा कहा गया था कि उन पर लगाए गए आरोप जमानती थे। वहीं 9 अगस्त को एक बार फिर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जिसके बाद दोनों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 365 और 511 के तहत मामले दायर किए गए।

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