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क्लर्क की नौकरी करने वाले येदियुरप्पा ने की मालिक की बेटी से शादी और बन गए करोड़पति

नई दिल्ली, नेशनल जनमत ब्यूरो। 

भारतीय जनता पार्टी दाग धुलने की एक ऐसी मशीन है जिसमें जाते ही आदमी के सारे पाप धुल जाते हैं। भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई की बात करने वाले प्रधानमंत्री बड़ी ही बेशर्मी के साथ भ्रष्टाचार के आरोपी पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा को जिताने की अपील करते रहे।

चुनाव के दौरान तमाम भारतीय जनता पार्टी के शूरवीर झूठ सच का सहारा भी लेते रहे। अब जबकि बीजेपी को बहुमत नहीं मिला है तो राज्यपाल लोकतंत्र और संविधान का गला घोंटने की पूरी कोशिश में हैं।

इसी बीच वरिष्ठ पत्रकार महेन्द्र नारायण सिंह ने येदियुरप्पा के शुरूआती जीवन की पड़ताल की है। आप भी पढ़िए बीजेपी के मुख्यमंत्री का जीवन चरित्र।

भाजपा नेता और कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा राजनीति के दांव-पेंच चलने में माहिर रहे हैं। कई बार उन्होंने ऐसे दांव चले कि विरोधी देखते रह गए।

निजी जीवन में भी येदियुरप्पा कुछ ऐसे ही हैं। बेहद मामूली परिवार में जन्मे येदियुरप्पा ने जवानी में ऐसा दांव चला कि देखते ही देखते करोड़पति हो गए। फिर तो कामयाबी उनके कदम चूमती चली गई।

27 फरवरी 1943 को जन्मे येदियुरप्पा के बचपन में ही उनकी मां का निधन हो गया था, लेकिन पिता ने उन्हें ठीक से पढ़ाया लिखाया। पढ़ाई-लिखाई भी उनके जीवन में कोई तब्दीली नहीं ला सकी और स्नातक होने के बाद उन्होंने क्लर्क की नौकरी की, लेकिन उनके दिमाग में कुछ और ही चल रहा था।

जल्दी ही उन्होंने वीरभद्र चावल मिल में क्लर्क की नौकरी कर ली। यहां येदियुरप्पा का दिमाग तेजी से चलने लगा। उन्होंने कई ऐसे गरीब युवकों के बारे में पढ़ और सुन रखा था जिन्होंने किसी अमीर बाप की बेटी से शादी की और पूरी जिंदगी संवार ली।

यहीं येदियुरप्पा की नजर मिल मालिक वीरभद्र शास्त्री की सुंदर बेटी मैत्री देवी पर पड़ी। येदियुरप्पा को अपनी मंजिल बहुत पास दिखी तो मैत्री देवी को प्रभावित करने में जुट गए और जल्द ही उन्हें सफलता मिल गई।

1967 में उन्हें मैत्री देवी से शादी करने में सफलता मिल गई और उनकी तकदीर के द्वार खुल गए। उन्होंने अपना बिजनेस भी शुरू किया और कामयाब होते चले गए। कुछ ही सालों बाद वो राजनीति में सक्रिय हो गए और नगरपालिका होते हुए विधानसभा तक पहुंचे।

जिस मैत्री देवी से शादी करके येदियुरप्पा अमीर हुए थे, उसकी मौत बड़ी रहस्यमय तरीके से हुई और इस बारे में कई तरह की कहानियां सुनने में आती हैं। मैत्री देवी की मौत किसी साधारण मजदूर महिला की तरह कुएं में गिरने से 2004 में हुई।

येदियुरप्पा के बेटे राघवेंद्र और विजयेंद्र हैं। राघवेंद्र राजनीति में हैं ही और हाल तक शिकारीपुरा सीट से विधायक वे ही थे। विजयेंद्र सिद्धारमैया के बेटे के खिलाफ वरुणा से लड़ना चाहते थे लेकिन पार्टी ने टिकट नहीं दिया। येदियुरप्पा की तीन बेटियां भी हैं।

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