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दुबे जी का फतवा: धर्माचार्य सीएम योगी का विरोध असंवैधानिक, अवैधानिक, अधार्मिक, अनाध्यात्मिक है !

इलाहाबाद/नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो

इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के छात्रसंघ उपाध्यक्ष अदील हमजा के परिसर में प्रवेश पर प्रतिबंध के खिलाफ छात्र नेताओं में जबरदस्त आक्रोश है. छात्र नेताओं ने सोमवार को चीफ प्रॉक्टर का घेराव कर प्रदर्शन भी किया। प्रॉक्टर के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई। छात्रों ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में चीफ प्रॉक्टर रामसेवक दुबे विश्वविद्यालय को धार्मिक आधार पर चलाना चाहते हैं. सीएम का पुतला दहन करना किस संविधान के तहत गलत है.

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नेशनल जनमत से बातचीत में इलाहाबाद विश्व विद्यालय छात्रसंघ के उपाध्यक्ष अदील हमजा ने कहा कि  वि.वि. प्रशासन ने मेरे ऊपर जो आरोप लगाए हैं वो एकदम निराधार हैं. पहली बात तो ये कि जिस प्रोटेस्ट की बात की जा रही है उस दिन मैं विश्वलिद्यालय में था नहीं. दूसरी बात प्रशासन के निलंबन के तर्क ही असंवैधानिक हैं.

देश के किस कानून में लिखा है कि पीएम या सीएम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करना गैरकानूनी है,आप नोटिस को गौर से पढ़ें तो आपको खुद स्पष्ट होगा कि मेरे खिलाफ जो आरोप लगाए हैं उसमें गैरसंवैधानिक तर्क दिए गए हैं. हमजा ने ये भी कहा कि ये लोकतंत्र की हत्या करने जैसा कृत्य है लगता है कार्रवाई करके वि.वि. प्रशासन संघ के लोगों को खुश करना चाहते है ताकि परिसर को धार्मिक तौरतरीकों से चलाया जा सके.

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72 घंटे की चेतावनी- 

आदील हमजा ने कहा कि चीफ प्रॉक्टर को 72 घंटे की चेतावनी दी गई है. 72 घंटे में निलंबन ना वापस लेने पर कर्नलगंज थाने का घेराव कर चीफ प्रॉकटर और कुलपति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी.

पढ़िए चीफ प्रॉक्टर दुबे जी की धार्मिक भाषा पर सवाल- 

आपने 11 जून को एक समूह का नेतृत्व करते हुए वि.वि. परिसर में माननीय मुख्यमंत्री की शोभायात्रा निकाली और पुतला दहन किया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी एक महानविचारधारा के चिंतक प्रखर वक्ता एवं पवित्र मंदिर के धर्माचार्य हैं. उनका इस प्रकार किया पुतला दहन असंवैधानिक, अवैधानिक, अधार्मिक, अनाध्यात्मिक औप वि.वि. अनुशासन संहिता का उल्लंघन है. तथा यह कृत्य अपराध की श्रेणी में आता है.

हमजा पर क्या हैं आरोप- 

विवि में क्रमिक अनशन, धरना प्रदर्शन, घेराव और अराजकता तथा 11 जून को परिसर में मुख्यमंत्री के पुतले की शव यात्रा निकालकर पुतला दहन के मामले में चीफ प्राक्टर ने 14 जून को उपाध्यक्ष हमजा को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। उनसे 25 जून तक जवाब मांगा गया है। ऐसा न करने पर 15 अगस्त तक परिसर में प्रवेश करने पर प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी गई है।

इससे भड़के छात्र नेताओं ने सोमवार को चीफ प्रॉक्टर पहुंचकर प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्र नेताओं और प्रशासनिक अफसरों के बीच झड़प भी हुई। प्रतिबंध से नाराज छात्र नेताओं ने हमजा को विवि में प्रवेश से रोकने के लिए ललकारा। चीफ प्रॉक्टर पर विवि में धार्मिक उन्माद पैदा करने का भी आरोप लगाया।

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कुलपति पर सेना के खिलाफ बयान देने का आरोप- 

इविवि के कुलपति पर कश्मीर और सेना के खिलाफ विवाद बयान देने का आरोप लगाते हुए छात्र संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को एसएसपी से भी मुलाकात की। इस दौरान छात्र नेताओं ने विवादित बयान से संबंधित सीडी भी सौंपी।  इस दौरान एसएसपी से कार्रवाई की मांग की गई। छात्र संघर्ष मोर्चा के संयोजक आनंद कुमार सिंह के मुताबिक एसएसपी ने सीडी का अवलोकन करने के बाद कहा है कि इन साक्ष्यों की फारेंसिक जांच के लिए एसपी क्राइम को सौंपा जाएगा। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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