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‘पोर्टल’ बनाकर मदरसों पर मेहरबानी दिखा रही योगी सरकार, मॉब लिंचिंग पर खामोश

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो 

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार भले ही मुस्लिमों के साथ हो रहे अन्याय पर खामोश है, लेकिन एक पोर्टल लांच करके मदरसों और अल्पसंख्यकों की दशा सुधारने की बात कर रही है।

उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने लखनऊ में “मदरसा पोर्टल’ के उद्घाटन के दौरान कहा कि प्रदेश के मदरसों में लंबे समय से धांधलेबाजी है और कर्मचारियों के शोषण की शिकायतें लंबे समय से आ रही हैं।

शिक्षकों व कर्मचारियों का शोषण होता है। फर्जीवाड़ा होता है क्योंकि मदरसों के संचालक व संस्थापक अपने ही परिवार के सदस्यों को शिक्षक व कर्मचारी के पदों पर नौकरियां देते आए हैं। मदरसों पर व्याप्त इस भ्रष्टाचार को प्रभावी ढंग से रोका जाएगा। इस काम में मदरसा पोर्टल बहुत कारगर साबित होगा।

अल्पसंख्यक मंत्री ने ये बातें शुक्रवार को विधान भवन के तिलक हाल में मदरसा पोर्टल के लोकार्पण समारोह में कहीं। उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद ने यह पोर्टल एनआईसी के सहयोग से बनाया है। अल्पसंख्यक मंत्री के मुताबिक, मदरसा शिक्षा की व्यवस्था में तुष्टीकरण की नीति अब नहीं चलेगी। निकट भविष्य में इसी पोर्टल के जरिये मदरसों की परीक्षाएं भी संचालित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि अखिलेश सरकार में जो मदरसा नीति बनाई गई थी उसमें काफी खामियां थीं।

पोर्टल के बारे में जानकारी देते हुए प्रमुख सचिव अल्पसंख्यक कल्याण मोनिका एस.गर्ग ने बताया कि अब प्रदेश के अनुदानित व मान्यता प्राप्त मदरसों को मिलने वाले अनुदान, शिक्षकों व कर्मचारियों को दिये जाने वाले वेतन का भुगतान आनलाइन हो जाएगा। समारोह को सम्बोधित करते हुए अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री बलदेव औलख ने कहा कि मदरसों के बारे में जिलों से बहुत शिकायतें आ रही थीं, पारदर्शिता नहीं थी। इसीलिये यह पोर्टल शुरू किया गया है।

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