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सीएम और वीसी की तानाशाही के खिलाफ लखनऊ के GPO पर छात्रों का हल्ला बोल आज

लखनऊ। नेशनल जनमत ब्यूरो

योगीराज के लोकतंत्र में विरोध वो भी काले झंडे से किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. ऐसा ही संदेश देने के लिए गुरुवार को सीएम का काफिला रोककर काला झंडा दिखाने वाली दो छात्राओं सहित 11 छात्राओं को जेल भेज दिया गया.

ना सिर्फ जेल भेजा गया बल्कि लखनऊ विश्वविद्यालय ने तानाशाही फैसला सुनाते हुए बिना ‘कारण बताओ’ नोटिस दिए 8 प्रदर्शनकारी छात्रों को निलंबित कर दिया. इससे छात्र आक्रोशित हैं. समाजवादी छात्र सभा, एसएफआई और आईसा के छात्रों पर लगाए गए मुकदमों को वापस लेने और निलंबन के विरोध में छात्र संगठनों ने आज शुक्रवार को लखनऊ के जीपीओ पर हल्ला बोलने के लिए छात्रों को आव्हान किया है.

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समाजवादी छात्र सभा के मुलायम सिंह यादव लिखते हैं कि-

साथियों अगर आप सभी का समर्थन हो तो मुख्यमंत्री योगी को 5 कालिदास पर ही नजरबंद किया जाये जब तक लखनऊ विश्वविद्यायल निष्काशित साथियो का निष्काशन और सारे मुकदमे वापस ना हो जाये

लखनऊ विश्वविद्याालय के छात्र नेता आशू अद्वैत लिखते हैं-

#दम है कितना #दमन में तेरे #देखा है और देखेंगे
#जगह है कितनी #जेल मे तेरे देखा है और देखेंगे!

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को काले झंडे दिखाने और रास्ता रोके जाने पर बौखलाई पुलिस ने शासन के इशारे पर आइसा,समाजवादी छात्रसभा और SFI के साथियों पर गम्भीर आपराधिक मुकदमे दर्ज की थी. उनके जमानत अर्जी पर जिला न्यायालय ने आज सुनवाई मे सभी साथियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी और 12 जून सोमवार को जमानत पर सुनवाई की तारीख मुकर्रर कर दी है। प्रतिरोधस्वरूप काले झंडे दिखाना एक सामान्य राजनीतिक कार्यवाई है।

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गुर्राने से डरने वाले नहीं हैं.- 

यह विरोध का एक लोकतांत्रिक ढंग है लेकिन हर प्रकार की असहमति को नाबर्दास्त करने वाली तानाशाही सरकार ने प्रतिशोध की भावना से आमछात्र-छात्राओं पर गम्भीर आपराधिक मुकदमे कायम कर अपनी कायरता और डर का परिचय दिया है। उसे लगता है कि उसके गुर्राने से छात्र सहम जाएंगे।

लेकिन छात्र-आंदोलन का इतिहास बताता है कि तरुणों की तरुणाई के आगे बड़ी-बड़ी सल्तनतें हिल गयी। जोगी तुम्हारी बिसात ही क्या है? तुम्हारे गुर्राने से हम डरने वाले नही है हमे मालूम है भेड़िया जब गुर्राता है तो उसे भगाने के लिए मशाल ही काफी है।

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प्रदेश में दलितों,महिलाओं पर हो रहे जातीय -यौन हमले,विश्वविद्यालय मे हो रहे भ्र्ष्टाचार और रोजगार पर लगी रोक से जो चिंगारी नौजवानों के सीने मे उठी है वह अब बुझने वाली नही है।छात्रों पर दर्ज फर्जी मुकदमे वापस लेने के लिए कल GPO हजरतगंज लखनऊ विशाल धरना -प्रदर्शन आयोजित है।तानाशाही और गुंडाराज के खिलाफ सभी साथी इस विरोध मे शामिल हो!..

 

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