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जेल से रिहा हुए CM को काला झंडा दिखाने वाले छात्र,तानाशाही के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा

लखनऊ। नेशनल जनमत ब्यूरो

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को काला झंडा दिखाने वाले छात्र और छात्राओं को शुक्रवार सुबह लखनऊ जेल से रिहा कर दिया गया। छात्र-छात्राओं ने एक सुर में कहा है यह सरकार की अकड़ और तनाशाही रवैये के खिलाफ जंग है. जेल जाने से हम डरने वाले नहीं है. ये संघर्ष आगे भी जारी रहेगा.

छात्र-छात्राओं की रिहाई के दौरान, समाजवादी पार्टी के एमएलसी सुनील सिंह साजन, अतुल प्रधान, सपा छात्र सभा के प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय सिंह देव, शकुंतला मिश्रा वि.वि. के छात्रनेता मुलायम सिंह यादव समेत दो दर्जन से अधिक लोग उन्हें लेने के लिए लखनऊ जेल पहुंचे।

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तीन संगठन थे शामिल समाजवादी छात्र सभा, आईसा और एसएफआई- 

अनिल यादव मास्टर, विनीत कुशवाहा, महेन्द्र यादव, अशोक कुमार प्रभात, राकेश समाजवादी, नितिन राज, सतवंत सिंह, पूजा शुक्ला, अपूर्वा वर्मा, अंकित सिंह बाबू, और माधुर्य सिंह क्रांतिकारी साथी थे जिनको जेल भेजा गया था.

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क्या था मामला-  

स्टूडेंट वेलफेयर फंड के पैसे से लखनऊ विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ के मुख्यअतिथि बनकर जाने का छात्र-छात्राएं काफी दिनों से विरोध कर रहे थे. कार्यक्रम में जाने के लिए सीएम का काफिला विश्विविद्यालय पहुंचने ही वाला था कि छात्र-छात्राओं ने उनका काफिला रोककर काले झंडे दिखाए.

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इस आरोप में पुलिस ने दो छात्राओं समेत 11 लोगों को गिरफ्तार कर लिया था. कोर्ट में पेश करने के बाद सभी आरोपितों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था.

 

 

 

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