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योगी ने माना उनके ‘रामराज्य’ में हर दिन 14 रेप ,13 हत्याएं, 49 अपहरण हुए हैं, विपक्ष ने मांगा इस्तीफा

लखनऊ। नेशनल जनमत ब्यूरो

अखिलेश सरकार की कानून व्यवस्था को गुंडाराज कहकर सत्ता में आने वाली बीजेपी सरकार में कानून व्यवस्था बिगड़ती चली आ रही है। कानून व्यवस्था के मसले पर विपक्ष के आरोपों का सामना कर रही सरकार ने मंगलवार को विधान सभा में खुद अपनी सरकार की नाकामी के आंकड़े पेश किए।

विपक्ष की मांग पर संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने सदन में अपराध का जो आंकड़ा पेश किया है उसे साबित हो रहा है कि धार्मिक मुख्यमंत्री महंत आदित्यनाथ कम से कानून व्यवस्था के मसले पर अभी तक फेल ही साबित हुए हैं।

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सुरेश खन्ना द्वारा बताए गए आंकड़ें- 

योगी आदित्यनाथ सरकार के शुरुआती करीब दो महीनों में राज्य में बलात्कार की 803 और हत्या की 729 घटनाएं हुई। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने प्रश्नकाल के दौरान सदन में कहा, ‘‘इस साल 15 मार्च से नौ मई के बीच प्रदेश में हत्या की 729, रेप की 803, लूट की 799, अपहरण की 2682 और डकैती की 60 वारदाते हुईं।’’

देखा जाए तो 54 दिन के सरकारी आंकड़ों के हिसाब से योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री रहते हुए हर दिन 14 रेप, 13 हत्याएं, 49 अपहरण और लूट की 15 वारदातें हुई हैं।

सपा विधायक ने उठाया था मामला- 

समाजवादी पार्टी सरकार में मंत्री रहे विधायक शैलेन्द्र यादव ललई ने यह मुद्दा उठाते हुए सरकार से एक निश्चित अवधि के दौरान हुई आपराधिक वारदात और उन्हें रोकने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में जानना चाहा था।

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लालजी वर्मा बोले गलत हैं आंकड़ें-

बीएसपी नेता लालजी वर्मा ने सरकार के आकड़ों को गलत बताया. उन्होंने कहा कि मेरे पास जो जानकारी आई है उसके मुताबिक 81 डकैती और 1464 हत्या हो चुकी हैं और पिछले साल के मुताबिक तीन गुना अपराध ज्यादा बढ़ा हुआ है.

हर मामला दर्ज करती है सरकार- 

सरकार का बचाव करते हुए सुरेश खन्ना ने कहा की भाजपा सरकार में छोटे से छोटे अपराध की प्राथमिकी दर्ज होती है. इसलिए यह आंकड़ा बढ़ा हुआ है. उन्होंने कहा हर सरकार में अपराध होते हैं, लेकिन ज्यादातर लिखे नहीं जाते हैं. सरकार अपराध को लेकर गंभीर है और जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं. अभी तक 126 लोगों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की गयी है. जबकि 3 के खिलाफ रासुका लगाया गया है.

जबाब में सुरेश खन्ना ने कहा कि हत्या के 67.16 प्रतिशत मामलों में कार्रवाई की गई है, वहीं बलात्कार के मामलों में यह आंकड़ा 71.12 फीसदी, अपहरण के मामलों में 52.23 फीसदी, डकैती के मामलों में 67.05 फीसद और लूट के मामलों में 81.88 फीसदी है।

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ट्रामा सेंटर में आग का मामला गूंजा-

बीएसपी विधायक उमाशंकर सिंह ने सदन में ट्रामा सेंटर में लगी आग का मामला उठाया. उन्होंने कहा- इस बात की भी जांच होनी चाहिए कि कहीं ट्रामा सेंटर में आग दवा घोटाले की जांच से संबंधित फाइलों को जलाने के लिए तो नहीं लगाई गई. इसपर स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा- ट्रामा सेंटर बनाते समय ही इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वहां फायर फाइटिंग टीम जा सकती है या नहीं. उन्होंने कहा कि सभी अस्पतालों में फायर फाइटिंग ऑडिट और फायर सेफ्टी ड्रिल होगी. नई बन रही बिल्डिंगों में इसका ध्यान रखा जाएगा.

सपा प्रदेश अध्यक्ष ने मांगा इस्तीफा- 

समाजवादी पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने कहा कि सरकार खुद अपने मुंह से जो आंकड़े बता रही है समाजवादी पार्टी सरकार से तीन गुने ज्यादा हैं। ऐसे में इस सरकार के मुखिया का नैतिक उत्तरदायित्व है कि वो कानून व्यवस्था खराब लचर होने की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें। सपा सरकार की इस नाकामी को गांव-गांव तक लेकर जाएगी।

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