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धर्म की चासनी में लपेटकर योगी सरकार ने दिया OBC को धोखा, सचिवालय के 465 पदों में OBC की 0 वैकेंसी

नई दिल्ली/लखनऊ, नेशनल जनमत।

बहेलिया आएगा जाल बिछाएगा हमको फंसाएगा लेकिन हम फंसेंगे नहीं. इस कहानी की तरह ओबीसी की स्थिति हो गई है कि दिन भर रटेगा आरक्षण पर हमला बर्दाश्त नहीं करेंगे, अरे भाई कैसे नहीं करोगे ? अब कर तो दिया आरक्षण पर हमला, हर दिन खत्म तो हो रहा है आरक्षण अब और कितना हमला करवाओगे?

देशभर के सभी केन्द्रीय संस्थानों और परीक्षाओं में ये खेल शुरू हो गया है। आरक्षित वर्ग को सिर्फ उनके आरक्षण तक सीमित कर दो। भले ही आरक्षित श्रेणी के किसी छात्र-छात्रा ने प्रवेश परीक्षा में टॉप किया हो लेकिन उन्हे सिर्फ आरक्षित श्रेणी में डाल दो यानि सवर्णों को खुले तौर पर 50.5 प्रतिशत आरक्षण सौंप दिया गया है।

शायद पिछड़े तो धर्म की चासनी में लिपटे हैं और राममंदिर के इंतजार में हैं। जहां ब्राह्मण पुरोहितों के साथ ओबीसी के बच्चे दरी बिछाने और मजीरा बजाने का काम करेंगे।

अब ये खेल उत्तर प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन यानि (UPPSC) की समीक्षा अधिकारी और सहायक समीक्षा अधिकारी के पदों पर की भर्ती में हुआ है। भर्तियां कुल 465 पदों पर होनी है। ग्रेजुएट्स इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं। 

ओबीसी आरक्षण खात्मे की तरफ कदमताल- 

उत्तर प्रदेश के अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों को योगी सरकार ने बड़ा झटका दिया है। आयोग द्वारा निकाली गयी सचिवालय में समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी आदि की भर्ती में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए एक भी पद आरक्षित नहीं किया गया जबकि भारतीय संविधान के अनुसार 27 प्रतिशत पद ओबीसी के लिए आरक्षित रहते हैं।

सरदारवादी विचारधारा के संयोजक डॉ. आर एस सिंह पटेल कहते हैं कि मंडल कमीशन की सिफारिशें लागू होने के समय, पिछड़ों के विरोध पर ही खड़ी हुई भाजपा का असली चेहरा अब यूपी वासियों के सामने उजागर होने लगा है।

पहले तो भाजपा द्वारा अंग्रेजों के सिद्धांत पर चलकर ‘डिवाइड एंड रूल’ की पालिसी का अनुसरण करते हुए, OBC जातियों को अन्य OBC जातियों से लड़ाने का काम किया जैसे कुशवाहा बिरादरी के मन में यादवों के प्रति जहर भरा तथा कुर्मी बिरादरी के मन में यादवों के प्रति जहर भरा।

भाजपा अपने इस षड़यंत्र में पूरी तरह सफल हुई और पिछड़ों के वोटों को अपने पाले में करके देश और प्रदेश में सरकार बनाई, और अब अपनी असली मानसिकता का रूप दिखाते हुए तथा पिछड़ों के विरोध का परिचय देते हुए सरकारी भर्तियों में पिछड़ों के आरक्षण को खत्म करने का काम शुरू कर दिया है।

क्या है भर्ती के विज्ञापन में – 

सचिवालय की समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी पदों पर जो भर्ती निकली है उसमें 460 पद सामान्य जाति के लिए आरक्षित किए गए हैं जबकि 5 पदों पर बैकलॉग भर्ती के जरिए एससी वर्ग के लिए आरक्षित की गयी हैं जबकि अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए एक भी पद आरक्षित नहीं किया गए है।

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