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आतंकवाद को मिटाने की बात करने वाले, PM के 44 महीने के राज में, 286 जवान, 138 नागरिकों की मौत ! कांग्रेस बोली क्या यही है आपका राष्ट्रवाद?

नई दिल्ली, नेशनल जनमत ब्यूरो। 

सेना के शौर्य को बाजार में उतारकर, सर्जिकल स्ट्राइक के नाम पर अपनी पीठ थपथपाने वाली भारतीय जनता पार्टी की सरकार को विपक्षी दल जुमलेबाजों की सरकार यूं ही नहीं कहते।

किसी भी विरोध से परे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सत्ता पाने से पूर्व के भाषणों को गौर से देखा सुना जाए तो एक सामान्य व्यक्ति भी केन्द्र सरकार को ऐसे ही शब्दों से विभूषित करेगी।

राष्ट्रवाद के नारे को लोगों की भावनाओं से जोड़ने वाली बीजेपी सरकार के 4 साल के कार्यकाल में 44 माह में 286 जवानों और 138 नागरिकों की जान जा चुकी है जबकि पिछली कांग्रेस सरकार के शासनकाल में यह संख्या क्रमश: 115 और 72 थी।

कांग्रेस ने लगाए आरोप- 

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर उनकी ‘दिशाहीन’ एवं ‘अस्थिर’ विदेश एवं रक्षा नीति के कारण आतंकवाद एवं संघर्ष विराम उल्लंघनों के मामलों में कई गुना वृद्धि होने का आरोप लगाया।

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लोकसभा चुनाव से पहले आतंकवाद, नक्सलवाद और घुसपैठ को लेकर किए गए सवालों को उन्हीं पर दागते हुए दावा किया कि भाजपा नीत सरकार इन पर ‘सन्नाटे वाली चुप्पी’ साधे हुई है।

कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक सिंघवी ने कहा कि देश की सुरक्षा के साथ आए दिन समझौता हो रहा है तथा सरकार चुपचाप बैठी है। पार्टी ने कहा कि सरकार के 44 माह के शासनकाल में आतंकी घटनाओं, संघर्ष विराम उल्लंघनों तथा जम्मू कश्मीर में जान गंवाने वाले सुरक्षाकर्मियों एवं नागरिकों की संख्या में कई गुना की वृद्धि हुई है।

अब पीएम जवाब क्यों नहीं देते ?

प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 के आम चुनाव से पहले तत्कालीन संप्रग सरकार से पांच सवाल किए थे। आतंकवादियों के पास बारूद-शस्त्र कहां से आते हैं ? उनके पास धन कहां से आता है ? विदेशी घुसपैठी देश में कैसे आ जाते हैं ? आतंकवादियों के संचार पर रोक क्यों नहीं लगा पा रही? विदेशों में बैठे आतंकवादियों का प्रत्यर्पण क्यों नहीं हो पा रहा ?

सिंघवी ने कहा कि आज प्रधानमंत्री मोदी की सरकार के पास सेना, सीमा सुरक्षा बल सहित सारे सुरक्षा बल हैं, संचार मंत्रालय है, वित्त मंत्रालय है, विदेश मंत्रालय है, फिर भी इन सवालों का कोई जवाब नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि इन सवालों पर सरकार ने पिछले 42 महीनों में इन सवालों पर ‘सन्नाटे वाली चुप्पी’ साध रखी है।

संघर्ष विराम उल्लंघन की घटनाएं पांच गुना बढ़ीं- 

सिंघवी ने कहा कि इस सरकार के शासनकाल के 44 माह के दौरान पाकिस्तान द्वारा संघर्ष विराम उल्लंघन की घटनाएं पांच गुना बढ़कर 2555 हो गई जो संप्रग सरकार की इसी अवधि में 543 थीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार तथा उनकी पार्टी के अध्यक्ष को इन सवालों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि इनके उत्तर में हमें राष्ट्रवाद का पाठ मत पढ़ाइएगा।

सिंघवी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस अपने बहादुर जवानों और देश की विश्व स्तरीय सेना के साथ खड़ी है तथा पाकिस्तान की निंदा करती है। किंतु हम इस बात की कब तक अनदेखी कर सकते हैं कि दिशाहीन, कमजोर, अस्थिर और मनमानी विदेश एवं रक्षा नीति के कारण हमारे बहादुर जवानों के लिए खतरा बन रही है।

उन्होंने कहा कि आखिर पाकिस्तान का इतना साहस कैसे हो गया कि उसने संघर्ष विराम उल्लंघन की घटनाओं में पांच गुना वृद्धि कर दी। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से पूछा कि ‘‘क्या यही आपकी बहादुरी और क्या यही आपका राष्ट्रवाद है या यह महज एक जुमलेबाजी है।’’

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