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BJP शासित राज्य हरियाणा में भगवाधारियों की 30 गऊ माताएं चारे-पानी के अभाव में मरीं

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो।

एक तरफ गौरक्षा के नाम पर गौरक्षकों और भाजपा के अनुषांगिक संगठनों ने सारे देश में आतंक मचाया हुआ है. वहीं दूसरी तरफ भाजपा शाषित राज्य हरियाणा में ही चारे -पानी के अभाव में 30 गायें मर गई हैं। इससे भाजपा शासित राज्य में गायों की दुर्दशा की सच्चाई लोगों के सामने आ गई है।

सोशल मीडिया पर ये खबर आते ही भाजपा की आलोचना शुरू हो गई है। लोगों का कहना है कि एक तरफ तो भाजपा गायों की रक्षा को लेकर राजनीति करती हैं वहीं दूसरी तरफ भाजपा की ही सरकारें गायों के प्राणों की रक्षा नहीं कर पा रही हैं।

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इससे पहले एक अन्य भाजपा शाषित राज्य राजस्थान में  कीचड़ में धसने से सैकड़ों गायों की मौत की खबर आई  थी। तब भी गायों की मौत पर भाजपा की काफी किरकिरी हुई थी।

ताजा मामला हरियाणा में मथाना गांव की गौशाला का है । यहां  बारिश  के मौसम में चारे और पानी  की कमी के चलते 30 गायों की मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि भारी बारिश के चलते गौशाला में पानी भर गया। जल निकासी की बराबर व्यवस्था ना होने से पूरा मैदान कीचड़नुमा हो गया। कई गायों ने उस कीचड़ में फंस कर अपनी जान गंवा दी। बहुत सी गायों की हलत नाजुक बनी हुई है।

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मथाना गांव की प्रधान ने मीडिया को बताया कि गौशाला में बारिश से निपटने का इंतजाम नहीं था, इस कारण ये घटना घटी। वहीं हरियाणा गाौ सेवा कमीशन के अधिकारियों ने भी जानकारी मिलने पर मथाना का दौरा किया। कमीशन के अधिकारियों ने बताया कि जो गायें वहां फंसी हुई थीं उन्हें प्रदेश के दूसरे गौशालाओं में शिफ्ट किया जा रहा है। गौशाला के पूर्व प्रमुख अशोक पपनेजा के मुताबिक गौशाला में लगभग 600 गायें थीं। इतनी बड़ी संख्या में पशुओं के लिए चारे और पानी की बराबर व्यवस्था भी नहीं थी।

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गौशाला की देखभाल का जिम्मा ग्राम पंचायत और जिले के एनिमल हसबैंडरी विभाग के पास रहता है। एनिमल हसबैंडरी विभाग के अधिकारियों के अनुसार यहां पर गायों के लिए सारी सुविधाएं हैं, लेकिन दुर्भाग्यवश भारी बारिश के चलते 25 से 30 गायों को अपनी जान गंवानी पड़ी।

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