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जाति प्रमाणपत्र बनवाते समय सावधान, 99 प्रतिशत OBC कर्मचारी ‘क्रीमीलेयर’ में नहीं आते

नई दिल्ली, नेशनल जनमत ब्यूरो।

अगर आप ओबीसी समुदाय से आते हैं और नॉन क्रीमीलेयर केटेगरी का जाति प्रमाण – पत्र बनवाकर आरक्षण का लाभ लेना चाहते हैं तो आपको फिर सावधान होकर सामाजिक चिंतक और पत्रकार महेन्द्र यादव का लेख जरूर पढ़ना चाहिए…

ओबीसी आरक्षण में क्रीमीलेयर के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए महेन्द् यादव अपनी फेसबुक वॉल पर लिखते हैं कि …

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99% ओबीसी के कर्मचारी, अधिकारी क्रीमीलेयर नहीं होते, लेकिन जानकारी के अभाव में स्वयं ही क्रीमीलेयर मान लेते हैं। ओबीसी का जाति प्रमाण-पत्र बनवाते समय आप भी धोखाधड़ी के शिकार तो नहीं हो रहे हैं ?

यदि आप अधिकारी/कर्मचारी या किसान हैं तो अपने बच्चों के जाति प्रमाण-पत्र बनवाते समय कुछ बातों का ध्यान रखेंगे तो आपका प्रमाण-पत्र नॉन क्रीमीलेयर बनेगा, नहीं तो आप भी साजिश के शिकार बन जाएंगे और आपके बच्चों का भी क्रीमीलेयर वाला प्रमाण-पत्र बन जायेगा। जैसा करोड़ों लोगों का बना दिया गया है।

अब ये समझें कि क्रीमीलेयर में कौन – कौन आते हैं।

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नीचे दिए 4 कैटेगिरी में आने वाले क्रीमीलेयर बाकी सब नॉन क्रीमीलेयर हैं।
(1) संवैधानिक पदों पर बैठे लोग।
(2) सीधे क्लास वन की नौकरी में नियुक्त अधिकारी।
(3) ऐसे पिता और मां के बच्चे, जो दोनोें ही सेकंड क्लास कर्मचारी हों ।
(4) ऐसे लोग जिनकी वेतन की + कृषि आय को छोड़कर “अन्य आय” 6 लाख रुपए सालाना से ज्यादा हो

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विशेष:- जब आप फार्म भरें तो नौकरी और कृषि की आय को भूल जायें। आय के स्थान पर 00 लिखें।
यदि कोई तीसरी आय 6 लाख से अधिक है, तो ही आप क्रीमीलेयर हैं।

उक्त जानकारी कहीं से कॉपी-पेस्ट मात्र नहीं है। कार्मिक विभाग की अधिसूचना से प्रमाणित है।

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