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राखी बांधने वाली छात्राओं से छेड़छाड़ के आरोपी दो CRPF सिपाहियों में से एक गिरफ्तार

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो 

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले में तैनात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों राखी बंधवाने के बहाने स्कूल के हॉस्टल में घुसकर छात्राओं से छेड़छाड़ करने के आरोप में दो सीआरपीएफ जवानों की पहचान कर एक को हिरासत में ले लिया गया है।

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा ज़िले में स्कूली छात्राओं के साथ छेड़छाड़ के मामले में पुलिस ने सीआरपीएफ के दो सुरक्षाकर्मियों की पहचान कर उनमें से एक को गिरफ्तार कर लिया गया है.

ज़िले के पुलिस अधिकारियों ने बुधवार को फोन पर बातचीत में बताया कि ज़िले के कुआकोंडा थाना क्षेत्र में पालनार गांव के शासकीय छात्रावास में 31 जुलाई को आयोजित राखी के कार्यक्रम के दौरान छात्राओं के साथ छेड़खानी के मामले में पुलिस ने सीआरपीएफ की 231वीं बटालियन के आरक्षक शमीम अहमद (31) को गिरफ्तार किया है, जबकि दूसरे आरोपी की पहचान नीरज खांडवाल (34) के रूप में हुई है.

अधिकारियों ने बताया कि अहमद को बुधवार को गिरफ्तार किया गया है, जबकि खांडवाल की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दल को उत्तराखंड रवाना किया गया है.

मामले के सामने आने के बाद देहरादून निवासी खांडवाल इस महीने की तीन तारीख को अपने गृह राज्य उत्तराखंड चला गया था.

उन्होंने बताया कि घटना के बाद पुलिस लगातार मामले की छानबीन कर रही थी. मंगलवार शाम को छात्राओं के बयान और कार्यक्रम की फोटो के आधार पर दोनों आरोपियों की पहचान हुई और अहमद को गिरफ्तार किया गया. उन्हें बुधवार को स्थानीय अदालत में पेश किया गया.

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अर्धसैनिक बल पिछले लगभग नौ वर्षों से पालनार गांव में रक्षाबंधन के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन करता है. इस वर्ष रक्षाबंधन कार्यक्रम का आयोजन 31 जुलाई को किया गया.

इस दौरान सुरक्षा बलों के कुछ कर्मचारियों पर छात्राओं के साथ छेड़खानी करने का आरोप लगा है. इस कार्यक्रम का रक्षाबंधन के दिन यानी सात अगस्त को स्थानीय टीवी पर प्रसारित किया गया था.

अधिकारियों ने बताया कि कार्यक्रम के दूसरे दिन एक अगस्त को छात्रावास की अधीक्षिका ने शिकायत की थी कि सुरक्षा बल के जवानों ने सुरक्षा के नाम पर छात्राओं की तलाशी लेने के बहाने उनके साथ छेड़खानी की है. जबकि पुरुष सुरक्षाकर्मियों को महिलाओं या छात्राओं की तलाशी लेने का अधिकार नहीं है.

उन्होंने बताया कि शिकायत मिलने के अगले दिन दो अगस्त को दंतेवाड़ा के ज़िलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और सीआरपीएफ के उप महानिरीक्षक के साथ छात्रावास का दौरा किया और इस संबंध में अधीक्षिका और अन्य महिला अधिकारियों के सामने छात्राओं से बातचीत की थी.

छात्राओं ने बताया कि जब वह शौचालय से लौट रही थीं तभी दो वर्दीधारी लोगों ने उनकी जामा तलाशी ली थी.

अधिकारियों ने बताया कि छात्राओं के अनुसार एक सुरक्षाकर्मी की मौजूदगी में दूसरे सुरक्षाकर्मी ने उनकी जामा तलाशी की.

छात्राओं के बयान के आधार पर मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय दल का गठन किया गया जिसमें दंतेवाड़ा ज़िले के अवर पुलिस अधीक्षक, एसडीएम, जिला शिक्षा अधिकारी और तहसीलदार शामिल हैं.

सीआरपीएफ भी अपने स्तर पर मामले की जांच कर रही है.

सामाजिक कार्यकर्ता हिमांशु कुमार के मुताबिक पालनार में सीआरपीएफ कैम्प से 100 मीटर की दूरी पर ही हॉस्टल है।

सीआरपीएफ के सिपाहियों ने राखी के बहाने आदिवासी लड़कियों के स्कूल में घुस कर उनके साथ छेड़खानी की। लड़कियों ने शिकायत की तो अधिकारियों ने जाकर लड़कियों को चुप रहने की हिदायत दी। लेकिन सामाजिक कार्यकर्ता सोनी सोरी ने जाकर लड़कियों से मुलाक़ात की उसके बाद इस घटना के बारे में सारे देश को पता चला।

हिमांशु लिखते हैं कि –

जब मैंने सीआरपीएफ के सिपाहियों द्वारा आदिवासी स्कूली लड़कियों के साथ दुष्कर्म का मामला उठाया तो भाजपा वाले संघी भक्त मुझे झूठा नक्सली और देशद्रोही कह रहे थे.
अब इस मामले में दो सीआरपीएफ के सिपाही गिरफ्तार हुए हैं.
भाजपाइयों क्या अब भी मुझे झूठा कहोगे ?

याद रखो दुनिया की कोई भी सेना जनता से ज्यादा बड़ी नहीं है,
सेनाएं जनता के लिए बनाई गयी हैं,
जनता के साथ कोई सेना अगर अत्याचार करेगी तो उसका विरोध करना ही चाहिए,

आप जितना न्याय की तरफ जायेंगे आपको उतनी ही शांति प्राप्त होती जायेगी
आप जितना अन्याय करेंगे आप उतनी ही अशांति का सामना करेंगे,
यह मेरा नियम नहीं है यह प्रकृति का नियम है,

जिसे मैं मानता हूँ आप नहीं मानते,
वैसे यह जानना भी दिलचस्प है कि भाजपा सरकार ने इस मामले में इतनी तेज़ी क्यों दिखाई ?
बस्तर में इससे पहले भी सैंकड़ों महिलाओं के साथ सीआरपीएफ और अन्य सुरक्षा बलों के सैनिकों ने बलात्कार किये हैं,

हमने हमेशा उन मामलों पर लिखा,
लेकिन सरकार ने कभी कोई कार्यवाही नहीं करी,
फिर अब क्या हुआ जो सरकार कानून की इतनी इज्ज़त करने लगी ?

असल में छत्तीसगढ़ में एक साल के भीतर चुनाव होने वाले हैं,
स्कूली लड़कियों के साथ दुष्कर्म वाले इस मामले में अगर बस्तर में जन प्रदर्शन शुरू कर देंगे तो भाजपा को चुनाव में नुकसान हो सकता है,
इसलिए इस मामले में आनन फानन में रिपोर्ट लिखी गई और गिरफ्तारियां कर ली गई हैं।

जो भी हो हम सरकार को इस काम के लिए धन्यवाद देते हैं,

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