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दलित के हत्यारों की नहीं हो रही गिरफ्तारी, इंसाफ के लिए 3 दिन से भूख हड़ताल पर 4 मासूम

जयपुर/नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो

देशभर में बीजेपी राज में दलितों पर अत्याचार बढ़ता ही जा रहा है। भाजपा शासित यूपी, हरियाणा से लेकर राजस्थान तक में यही स्थिति है. राजस्थान के बाड़मेर में एक महीने पहले दलित खेताराम भील की हत्या कर दी गई थी लेकिन हत्यारों का पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला. न्याय की गुहार लगाते हुए परिवार के लोग 22 दिनों से धरने पर बैठे थे लेकिन अधिकारियों के कान पर जूं ना रेंगती देख पिछले तीन दिनों बच्चे भी भूख हड़ताल में शामिल हो गए हैं.

क्या है मामला- 

बधड़ा के दलित खेताराम भील हत्याकांड के नामजद मुजरिमों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर उसके परिवार वाले बाड़मेर कलेक्ट्रेट के सामने पिछले 22 दिनों से धरने पर बैठे हैं। मृतक के परिवार को आज तक न्याय नहीं मिलने पर मृतक की पत्नी लेहरी देवी, उसके चार मासूम बच्चे और माता-पिता बुधवार 21 जून से भूख हड़ताल पर चले गए हैं।

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आपको बता दें कि पिछले 4 मई को खेताराम भील असादा गांव के बाहर मृत पाए गए थे। खेताराम के परिवार ने आरोप लगाया था कि उनकी हत्या की गई है लेकिन पुलिस का कहना है कि उनकी मृत्यु किसी दुर्घटना में हुई है।

4 मई को दर्ज हुई थी एफआईआर- 

4 मई को खेताराम के पिता प्रभुराम ने उनकी हत्या के बाद पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302(हत्या) और दलित अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा 3(II)(v) के तहत मामला दर्ज किया था। खेताराम के पिता प्रभुराम(65), माता लीला देवी(62), पत्नी लहरी देवी(28) और उनके चार बच्चे फुली (8), भीखाराम(6), कब्बू(3) और रिक्षा(1) 2 जून से धरने पर बैठे हैं।

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परिवार के सदस्यों का कहना है कि पुलिस की तरफ से लगभग एक महीने होने के बाद भी कोई कार्रवाई न करने पर उन्हें भूख हड़ताल पर जाने को मजबूर होना पड़ा। पिछले तीन दिनों से बच्चों सहित सारे लोग भूख हड़ताल पर हैं। इससे खेताराम की मां लीलादेवी बीमार भी हो गईं और बाडमेर के सरकारी अस्पताल की मेडिकल टीम ने उनका इलाज किया। परिवार के लोगों ने धमकी दी है कि जबतक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा वे भूख हड़ताल समाप्त नहीं करेंगे।

आरोपियों को बचा रही है पुलिस- 

दलित आदिवासी संघर्ष समिति के अध्यक्ष धनाराम वाघेला का कहना है कि पुलिस आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि इस घटना के लगभग महीने भर होने को आए हैं लेकिन पुलिस ने अभी तक जांच शुरू नहीं की है। वाघेला ने कहा कि वह दलित परिवार को आर्थिक मदद के साथ-साथ द दलित उत्पीड़न के तहत न्याय की मांग करते हैं। वाघेला ने कहा कि जबतक पुलिस जांच शुरू नहीं कर देती तबतक भूख हड़ताल जारी रहेगी। प्रति दिन समुदाय के दो सदस्य भूख हड़ताल में शामिल होंगे।

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