You are here

विधायक बनते ही जिग्नेश मेवाणी की चुनौती, कह दो BJP से जमकर लड़ेंगे, अब 2019 दूर नहीं है

नई दिल्ली/अहमदाबाद, नेशनल जनमत ब्यूरो। 

कहते हैं संघर्ष करने वालों की कभी हार नहीं होती। चुनाव की हार जीत से परे संघर्षशील लोग एक जंग खत्म होने के बाद दूसरे मिशन के लिए निकल पड़ते हैं। कुछ ऐसा ही गुजरात के संघर्षशील युवा और आज विधायक बने जिग्नेश मेवाणी के बारे में कहा जा सकता है।

गुजरात में शोषित तबके की आवाज बन चुके जिग्नेश मेवाणी ने वडगाम से जीत दर्ज की है। जीत दर्ज करते ही जिग्नेश मेवाणी ने 2019 के लिए बीजेपी को फिर चुनौती दी है और संघर्ष का आह्वान किया है।

जिग्नेश ने लगभग 21 हजार वोटों से भाजपा प्रत्याशी चक्रवर्ती विजयकुमार हरकाभाई को हराया। इस सीट पर कुल नौ उम्मीदवार खड़े थे। जिग्नेश मेवानी ने निर्दलीय चुनाव लड़ा था, लेकिन उनको कांग्रेस का समर्थन था।

इस सीट पर कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार खड़ा नहीं किया था। जिग्नेश की उम्र 37 साल है, वह वकालत के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में लगे रहते हैं। जीत के बाद जिग्नेश मेवानी ने ट्वीट कर शायराना अंदाज में अपने इरादे जताए हैं।

जिग्नेश मेवानी ने ट्वीट करते हुए लिखा- नफरत फैलाने नहीं मोहब्बत लुटाने आया हूं, मन की बात नहीं जनता की बात सुनने आया हूं।

जिग्नेश मेवानी ने एक और ट्वीट किया। इस ट्वीट में जिग्नेश ने राहुल गांधी और पूरी कांग्रेस पार्टी का उन्हें समर्थन देने के लिए शुक्रिया अदा किया है। इस ट्वीट में जिग्नेश ने ये भी लिखा- मुश्किलें जरुर हैं, मगर हमें ठहरना नहीं है…कह दो बीजेपी से, जमके लड़ेंगे 2019 अब दूर नहीं है।

आपको बता दें कि गुजरात में भाजपा ने सत्ता भले ही हासिल कर ली हो लेकिन जिग्नेश मेवाणी, हार्दिक पटेल और अल्पेश ठाकोर की तिकड़ी ने प्रधानमंत्री और बीजेपी अध्यक्ष के गृह राज्य में बीजेपी को तीन अंकों में नहीं पहुंचने दिया और 2012 के चुनाव के मुकाबले उनको 16 सीटों का नुकसान भी हुआ है।

पटेल प्रतिनिधि सभा का गांव से प्रतिभा खोजो अभियान, प्राइमरी पाठशाला में आयोजित हुआ सम्मान समारोह

हार्दिक पटेल के आरोपों के बाद, सूरत के स्ट्रांग रूम में मिला WI-FI नेटवर्क, प्रशासन ने की कार्रवाई

नफ़रत से भरा हुआ उन्माद ही इस देश में अब सामान्य अवस्था है और भारत का ‘न्यू इंडिया’ है !

 

 

Related posts

Share
Share