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दलित ने मुसलमां को जिंदा जलाया… कट्टरता के रहबरों को खाद-पानी दिलाया… अनूप पटेल की कविता

नई दिल्ली, नेशनल जनमत ब्यूरो। 

बीजेपी शासित राजस्थान के राजसमंद में शंभूलाल रेगर नाम के एक शख्स ने 50 साल के मुस्लिम बुजुर्ग मोहम्मद अफरजुल की कुल्हाड़ी और तलवार से काट कर हत्या कर दी. इतना ही नहीं नफरत से भरे इस हैवान ने पूरे हत्याकांड का लाइव वीडियो भी जारी किया.

इस घटना के बाद धर्म की जकड़न में मानसिक विकलांग हो चुके समाज की हकीकत की बहस का दौर चल पड़ा है। इसी मनोविकार पर सामाजिक चिंतक अनूप पटेल ने चंद पंक्तियों में अपने दर्द बयां किया है।

एक दलित ने मुसलमां को जिंदा जलाया।
असल मे मानवता को जलाया।

शोषितों की एकता को जलाया।
कट्टरता के रहबरों को खाद-पानी दिलाया।।

ये राजस्थानी है, वो बंगाली था।
ये बहुसंख्यक है, वो अल्पसंख्यक था।
ये हिन्दू है, वो मुसलमां था।
ये दलित है, वो पसमांदा था।।

जल रहा है भारत।
बढ़ रही है नफरत।
बढ़ रहे है फासले।
मिट गई इंसानियत।।

कितने पुतले जलाओगे?
कितने धरना-प्रदर्शन करोगे?
एक काम क्यों नही करते !
इस हत्यारी विचारधारा को दफ़न क्यो नही करते??

( लेखक अनूप पटेल सामाजिक विचारक हैं, फिलहाल गुजरात यात्रा पर हैं ) 

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