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यादवों को जेल भेजने के विरोध में दलितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों का मनोज पांडे के खिलाफ प्रदर्शन

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो 

रायबरेली के अपटा कांड में मारे गए अपराधियों को ब्राह्मण समाज का प्रतीक पुरुष बनाकर ब्राह्मण और हिन्दु के नाम से से बने छद्म ब्राह्मण संगठनों की बयानबाजी और प्रदर्शनों ने मामले को जातीय रंग देकर उलझा दिया है। अब मामले ने इस तरह से सियासी करवट बदली है कि पूरा प्रदेश इसकी चपेट में है। सोमवार को दलित, पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक मोर्चा के बैनर तले रायबरेली के इंसाफ पसंद लोगों ने सड़क पर उतरकर धरना प्रदर्शन किया और मामले की निष्पक्ष और सीबीआई जांच की मांग लेकर डीएम को ज्ञापन सौंपा।

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इस मामले में जेल भेजे गए राजा यादव की मां और ग्रामप्रधान रामश्री यादव और राजा यादव की पत्नी ने गांव और जिले के हजारों समर्थकों के साथ डिग्री कालेज चौराहे  पर धरना प्रदर्शन किया और  निष्पक्षता के साथ सीबीआई जांच कराए जाने की मांग की है।

दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यकों ने दिखाई एकता- 

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‘‘सितम भी सहना दुआ भी देना, गुजर गया बेबसी का जमाना, अगर हो हिम्मत गिराओ बिजली, बना रहा हूं मैं आशियाना।’’ सेट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डीपी पाल ने सीबीआई जांच की मांग को लेकर आयोजित धरने के दौरान उक्त बातें कहीं। उन्होंने संकेत दिया कि वक्त बदल गया है, इसलिए गैर सवर्णों को एकजुट और सावधान होने की जरूरत है। धरना प्रदर्शन के बाद 27 लोगों के हस्ताक्षर युक्त राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया और अपटा कांड की सी.बी.आई.जांच कराने की मांग की गयी।

इस दौरान प्रबुद्ध पिछड़ा वर्ग संघ के संरक्षक एवं पूर्व प्राचार्य डॉक्टर राम बहादुर वर्मा, डी.पी.पाल एडवोकेट, पाल महासभा के जिलाध्यक्ष पीएल पाल एडवोकेट, रामदेव मौर्य, भारत लाल वर्मा, मौर्य समाज के अध्यक्ष गजाधर प्रसाद मौर्य,  शिव राम प्रजापति, धनश्याम निर्मल, रामनरेश पासी, दुखहरन लोधी, शिव प्रसाद विश्वकर्मा, गणेश प्रसाद मौर्य…

राम सिंह यादव, राजेश चन्द्रा, आर पी यादव, ओ पी यादव, अरशद खान, गुरदीप सिंह, शत्रुघ्न मौर्य, राजा घोसी, अरविन्द चैरसिया, संदीप शर्मा, धर्मेन्द्र पासी, छोटेलाल पासी, राजेन्द्र यादव, राम किशोर मौर्य और शिवबहादुर यादव ने संयुक्त रूप से ज्ञापन पर हस्ताक्षर करते हुए कहा कि उक्त मामले में विधायक मनोज पांडेय के दबाव में एक पक्षीय जांच की जा रही है, विवेचना के तथ्यों को तोड़ा मरोड़ा जा रहा है, मुख्यमंत्री योगी द्वारा मरने वाले बदमाशों के परिजनों को 5-5 लाख की मदद एवं शस्त्र लाइसेंस दिये जाने से न्याय की उम्मीद धूमिल पड़ती जा रही है।

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विधायक मनोज पांडेय के खिलाफ आक्रोश- 

उक्त प्रकरण की जांच सीबीआई द्वारा कराई जाए, ग्राम प्रधान रामश्री यादव की तहरीर पर मुकदमा दर्ज हो और उन्हें सुरक्षा दी जाए। विधायक मनोज पांडेय की पूरे मामले में भूमिका की जांच हो। दुर्घटना में घायल अमृत लाल प्रजापति की रिपोर्ट दर्ज की जाए। सी.बी.आई.जांच पूरी होने तक किसी भी मृतक आश्रित को शस्त्र लाइसेंस न दिया जाय। ग्राम अपटा एवं वरगदही गांवों में पुलिस का आतंक खत्म किया जाय।

धरने के दौरान प्रशासन द्वारा इतनी मात्रा में सशस्त्र फोर्स लगा दी गयी, जैसे किसी सीमायुद्ध का मोर्चा हो। धरने के कारण शहर की यातायात व्यवस्था ध्वस्त रही। लोगों को आने जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। धरने में आह्वान किया कि इस प्रकरण से जिलेभर के दलित, पिछड़े व अल्पसंख्यक वर्ग के लोग एकजुट हों।

 

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