You are here

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक मिश्रा के नरम पड़े तेवर, रविवार को सवाल उठाने वाले जजों से मिल सकते हैं !

नई दिल्ली, नेशनल जनमत ब्यूरो। 

प्रेस कांफ्रेंस करने वाले चार न्यायाधीशों के आरोपों से न्यायपालिका के सर्वोच्च पदों पर बैठे लोगों की कलई खुल गई। इन आरोपों के बाद हुकुमत और न्याय के सर्वोच्च संस्था के घालमेल का छुपा सच भी उजागर हुआ।

इससे पहले न्यायपालिका पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने वाले जस्टिस कर्णन ने अकेले आवाज उठाई थी जिन्हे चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने अवमानना का आरोप लगवाकर जेल मेें डलवा दिया था।

अब चार जस्टिस एक साथ विरोध में आ गए तो पूरा तंत्र इस विवाद को सुलझाने में लग गया। न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ ने कोच्चि में कहा कि शीर्ष न्यायालय में कोई भी संवैधानिक संकट नहीं है और जो मुद्दे उन लोगों ने उठाए हैं, उनके सुलझने की पूरी संभावना है।

सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस के बाद नंबर दो जस्टिस चेलामेश्वर की अगुआई में उच्चतम न्यायालय के 4 जजों ने बुधवार को ऐतिहासिक कदम उठाया।

सर्वोच्च न्यायालय के चार शीर्ष न्यायाधीशों की ओर से सर्वोच्च न्यायालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जाने से उपजे संकट के बीच प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा बगावती तेवर अपनाने वाले न्यायाधीशों से रविवार को मुलाकात कर सकते हैं।

इनमें से दो न्यायाधीशों ने शनिवार को मुद्दा सुलझाने की ओर इशारा भी किया है। बागी तेवर अपनाए चार में से तीन न्यायाधीश राष्ट्रीय राजधानी से बाहर हैं और रविवार (14 जनवरी) दोपहर तक उनके यहां वापस आने की संभावना है।

न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ ने कोच्चि में कहा कि शीर्ष न्यायालय में कोई भी संवैधानिक संकट नहीं है और जो मुद्दे उन लोगों ने उठाए हैं, उनके सुलझने की पूरी संभावना है।

हमारा उद्देश्य पारदर्शिता लाने का है- 

न्यायामूर्ति जोसेफ ने कहा, “हमने एक उद्देश्य को लेकर ऐसा किया था और मेरे विचार से यह मुद्दा सुलझता दिख रहा है। यह किसी के खिलाफ नहीं था और न ही इसमें हमारा कुछ निजी स्वार्थ था। यह सर्वोच्च न्यायालय में ज्यादा पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से किया गया था।”

उन्होंने इस मसले को सुलझाने के लिए किसी भी बाहरी हस्तक्षेप से इंकार किया। कोच्चि में उन्होंने कहा कि इसका आतंरिक समाधान ही होना चाहिए। यह पूछे जाने पर कि क्या आपको लगता है कि न्यायाधीशों को अपनी शिकायतें इस तरह सार्वजनिक नहीं करनी चाहिए थीं,

देश के महान्यायवादी के.के. वेणुगोपाल ने हालांकि उम्मीद जाहिर की कि सर्वोच्च न्यायालय के चार शीर्ष न्यायाधीशों के विद्रोह से सर्वोच्च न्यायालय में उत्पन्न संकट शीघ्र ही ‘सुलझ’ जाएगा। उन्होंने पत्रकारों से कहा, “उम्मीद करते हैं कि सबकुछ ठीक हो जाएगा। मुझे भरोसा है कि सबकुछ सुलझ जाएगा।

कौन है वो तानाशाह जिसके कहने पर चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने देश के लोकतंत्र को खतरे में डाल दिया है !

पुलिस के सामने ही मोदी की MP और योगी के MLA भिड़े, समर्थकों में भी जूतम-पैजार, सांसद पुत्र चोटिल

इलाहाबाद: सड़क पर उतरे हजारों छात्र, न्यायिक सेवाओं में हिन्दी माध्यम के छात्रों के साथ भेदभाव का आरोप

120 महिलाओं को देहव्यापार से मुक्त कराकर, नेहरू जन्मस्थान पर लगा कलंक मिटाने वाले कर्मयोगी ‘सुनील चौधरी’

गोरखपुर महोत्सव में सम्मानित होने वालों में एक भी OBC-SC नहीं, OBC आर्मी ने CM पर लगाया जातिवाद का आरोप

 

 

Related posts

Share
Share