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संघ इम्पैक्ट: तो क्या अब मंत्रोच्चारण के सहारे देश की सीमाओं की हिफाजत करेंगी रक्षा मंत्री !

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो। 

गाय के गोबर से सीमा पर बंकर बनाने और मंत्रों के माध्यम से चीन को परास्त करने की सलाह संघ के राष्ट्रीय नेता इंद्रेश कुमार पहले ही दे चुके हैं। अब लगता है कि संघ की सलाह को मानते हुए देश का रक्षा मंत्रालय भी मंत्रोच्चारण के सहारे ही देश की सीमाओं की रक्षा करना चाहता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 सितंबर को कैबिनेट में बड़ा फेरबदल करते हुए 4 मंत्रियों का प्रमोशन करते हुए उन्हे कैबिनेट मंत्री और 9 नये सांसदों को राज्यमंत्री बनाया था। इसी परिवर्तन के तहत मोदी कैबिनेट में शामिल की गईं दक्षिण भारतीय ब्राह्मण निर्मला सीतारमण को रक्षा मंत्री की जिम्मदारी दी गई है।

अब बीजेपी और संघ के धार्मिक एजेंडे को आगे बढ़ाते हुए देश की नई रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने आज पूजा-पाठ, मंत्रोच्चारण के साथ रक्षा मंत्री का पदभार संभाल लिया है। मंत्रोच्चारण की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होते ही लोगों ने खिंचाई करना शुरू कर दिया।

सोशल मीडिया पर चुटकी ली लोगों ने- 

फेसबुक यूजर अमित कटियार ने कहा कि इसमें आश्चर्य कैसा? ये तो संघ की परिपाटी में साधारण बाते हैं देश तो अब भगवान भरोसे ही चल रहा है।

राजेश मीणा ने लिखा कि संघ सीमा पर गाय के गोबर के बंकर सेैनिकों की रक्षा करवा सकता है तो ब्राह्मण रक्षा मंत्री मंत्रों से पाकिस्तान को परास्त क्यों नहीं कर सकतीं।

ट्विटर पर रामनरेश राजभर लिखते हैं कि इस देश को गाय, गंगा, धर्म-अधर्म, पुण्य-पाप में फंसाकर जरूरी मुद्दों से ध्यान हटाने की साजिश की जा रही है। लोगों की मूर्खता से बीजेपी इसमें सफल भी हो रही है।

समाचार एजेंसी ANI के अनुसार, मीडिया को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा,  मैं रक्षा मंत्री के तौर पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करुंगीं। उन्होने आगे कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो विश्वास मुझमें दिखाया है और इतना महत्वपूर्ण मंत्रालय मुझे सौंपा है, मैं उनके विश्वास को कायम रखूंगी, सशस्त्र बल मेरी प्राथमिकता है।

इससे पहले मनोहर पर्रिकर के गोवा का मुख्य मंत्री बनने के बाद रक्षा मंत्री का अतिरिक्त प्रभार वित्त मंत्री अरुण जेटली के पास था। वहीं आज जब निर्मला सीतारमण विधि विधान सहित मंत्रोचारण और पूजा पाठ के साथ पदभार संभाल रहीं थीं तो वित्त मंत्री अरुण जेटली भी मौजूद थे।

रक्षा मंत्री सीतारमण से पहले रविवार को अश्विनी चौबे ने केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री का पदभार संभाला तो उन्होंने भी मंत्रोच्चारण, शुभ मुहूर्त और पूजा-पाठ के साथ माथा टेकते हुए पदभार संभाला था।

आपको बता दें, बीजेपी में पद भार संभालते समय पूजा-पाठ, मंत्रोच्चारण करना कोई नई बात नहीं है। इससे पहले उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री का पद भार संभालते हुए सीएम हाउस में पूजा कर गाय के दूध से शुद्धि करवाई थी।

चीन को परास्त करने वाला मंत्र पढ़िए- 

आरएसएस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य इंद्रेश कुमार ने चीन की ताकत से निपटने के लिए कहा था कि इस मंत्र का जाप करने से चीन की ताकत कमजोर होगी। “कैलाश, हिमालय और तिब्बत, चीन की असुर शक्ति से मुक्त हों” मंत्र का जाप पूजा या नमाज से पहले पांच बार करने की अपील की गई थी।

इंद्रेश कुमार ने कहा था कि “इससे न सिर्फ चीन को नुकसान पहुंचेगा, बल्कि यह हमारी आध्यात्मिक ऊर्जा को भी बढ़ाएगा और सकारात्मक प्रभाव होगा।

गाय के गोबर से बंकर बनाने की सलाह- 

इंद्रेश कुमार ने कुछ दिन बाद अपने दूसरे बयान में कहा था कि, गोबर को बंकर बनाने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है. आम आदमी इसे मकान बनाने के लिए सीमेंट के रूप में भी इस्तेमाल करता है. इसके मूत्र में औषधीय तत्व होते हैं जो कैंसर जैसी बीमारियों का इलाज में काम आते हैं.

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