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दिल्ली: आध्यात्म के नाम पर 100 लड़कियों को बंधक बनाकर यौन शोषण करता था वीरेन्द्र देव दीक्षित

नई दिल्ली, नेशनल जनमत ब्यूरो। 

बाबा रामरहीम, आशाराम, इच्छाधारी, नित्यानंद जैसे तमाम बाबाओं के काले कारनामे देखने के बाद भी धर्म के नाम पर चल रहे लूट के अड्डों की तरफ लोगों का आर्कषण कम नहीं हुआ है।

देश के लोगों की इसी धार्मिक कमजोरी का फायदा उठाकर ढ़ोंगी लोग धर्म के नाम पर उनका पैसा तो लूटते ही हैं मौका मिलने पर इज्जत भी तार-तार कर देते हैं। हालिया मामला देश की राजधानी दिल्ली का है।

पुलिस की नाक के नीचे देश की राजधानी में ऐसा जघन्य अपराध और लड़कियों को बंधक बनाकर यौन शोषण किसी बड़े घालमेल की तरफ इशारा करता है। अब कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद परतें खुल रही हैं।

दिल्ली हाई कोर्ट ने उत्तरी दिल्ली के रोहिणी विजय विहार में चल रहे आध्यात्मिक विश्वविद्यालय और उसके संस्थापक वीरेन्द्र देव दीक्षित के खिलाफ सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं।

कोर्ट ने पाया है कि इस विश्वविद्यालय में लड़कियों को बंधक बनाकर रखा गया है और कई तरह के अनैतिक काम किए जाते हैं। कई लोगों ने आरोप लगाया है कि बाबा यहां बंधक बना कर रखी गईं लड़कियों से बाबा दुष्कर्म करता है।

आश्रम की आड़ में चलाने वाला वीरेंद्र देव दीक्षित अभी भी पुलिस की पहुंच से बाहर है. इस बीच पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गुरुवार को 40 लड़कियों को आश्रम से आजाद कराया है। पुलिस ने रेस्क्यू की गई लड़कियों और महिलाओं को दो बसों में भरकर भिजवाया.

खुद का कृष्ण बताता था बाबा- 

बता दें कि आध्यात्मिक विश्वविद्यालय नाम से आश्रम चलाने वाला बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित खुद को कृष्ण बताता था. वह हमेशा महिला शिष्यों के बीच ही रहा करता था. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसने 16000 महिलाओं के साथ संबंध बनाने का लक्ष्य रखा था. वह गोपियां बनाने के लिए लड़कियों को संबंध बनाने के लिए आकर्षित करता था.

एक स्थानीय महिला आरोप लगा रही है कि उसकी लड़की घर से आठ लाख रुपये लेकर भाग गई और इस आश्रम में चली आई। बतौर महिला जब उसने अपनी लड़की से मिलने की कोशिश की तो उसे नहीं मिलने दिया गया।

महिला ने आरोप लगाया कि इस आश्रम में नशाखुरानी गिरोह चलता है। उसने कहा कि आश्रम से बड़ी मात्रा में कंडोम और नशीली इंजेक्शन और सीरिंज मिले हैं। एक अन्य शख्स ने आपबीती सुनाते हुए कहा कि वह बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित को भगवान समझता था, इसलिए उसके कहने पर अपनी नाबालिग बेटी को आश्रम में सौंप दिया लेकिन बाद में पता चला कि वहां गंदा काम होता है।

जब उस शख्स ने अपनी बेटी से मिलना चाहा तो कई दिनों तक टाला गया। एक दिन लंबे इंतजार के बाद उसे मिलने दिया गया लेकिन बात नहीं करने दिया गया।

मोहल्ले के लोगों का आरोप है कि इस आश्रम में दुष्कर्म और देह-व्यापार का धंधा चलाया जाता है। यहां अक्सर रात में लग्जरी गाड़ियां आकर रुकती हैं। कई महिलाओं को अक्सर रात में दो बजे तक आते-जाते देखा जाता है।

इस बीच कोर्ट के आदेश पर दिल्ली पुलिस ने कल पहुंचकर आश्रम की तलाशी ली। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने भी इस आश्रम में पहुंचकर वहां की स्थिति का जायजा लिया।

सेक्स जेल जैसा है आध्यात्मिक विश्वविद्यालय- 

जांच में पता चला है कि आश्रम में एक सुंरग भी है, जिसमें पानी भर दिया गया था। पानी देखकर लग रहा था कि उसे हाल-फिलहाल में जल्दी में भरा गया है। जांच दल ने हाईकोर्ट को बताया है कि आध्यात्मिक विश्वविद्यालय में 100 से अधिक लड़कियों को बंधक बनाकर रखा गया है।

उनके साथ अक्सर मारपीट की जाती है और सेक्स स्लेव जैसा व्यवहार किया जाता है। जांच दल के मुताबिक विष्वविद्यालय में लड़कियों को लोहे की मजबूत सलाखों के पीछे जानवरों की तरह बांधकर रखा जाता है।

आश्रम के चारों तरफ ऊंची-ऊंची दीवारें और लोहे के जाल लगे हुए हैं, ताकि कोई भाग न सके। जांच दल के मुताबिक लड़कियों को नहाने के दौरान भी प्राइवेसी नहीं है।

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