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जातिवाद का आरोप झेल रही योगी सरकार ने, 4 वरिष्ठों को दरकिनार कर दूसरे ‘सिंह साहब’ को बनाया DGP

लखनऊ, नेशनल जनमत ब्यूरो। 

ट्रांसफर-पोस्टिंग, सरकारी नियुक्तियों और थानों में एक ही जाति के व्यक्तियों का दबदबा होने से ठाकुरवाद का आरोप झेल रहे मुख्यमंत्री अजय सिंह बिष्ठ उर्फ आदित्यनाथ के कार्यकाल में लगता है कि पुलिस महानिदेशक पद की पहली वरीयता उनका सीएम की जाति का होना है।

मुख्यमंत्री बनते ही एक स्वजातीय अधिकारी सुलखान सिंह को डीजीपी बनाने के बाद उनका कार्यकाल खत्म होने के बाद भी तीन महीने का सेवा विस्तार देना और अब दूसरे सिंह साहब को चार वरिष्ठ अधिकारियों पर वरीयता देकर डीजीपी बनाने से इस आरोप को और बल मिल रहा है।

खबर है कि केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के महानिदेशक ओमप्रकाश सिंह उत्तर प्रदेश के अगले पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) होंगे.

गृह विभाग के प्रमुख सचिव अरविंद कुमार ने बताया कि 1983 बैच के आईपीएस अधिकारी ओमप्रकाश सिंह प्रदेश के अगले पुलिस महानिदेशक होंगे. वह सुलखान सिंह का स्थान लेंगे. उन्हें तीन महीने का एक्सटेंशन सितंबर महीने में मिला था, जो 31 दिसंबर को ख़त्म हो रहा है.

प्रमुख सचिव अरविंद कुमार ने बताया कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिख कर ओमप्रकाश को कार्यमुक्त करने के लिए कहा है. सिंह 1983 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और उत्तर प्रदेश के 401 आईपीएस अधिकारियों में 5वें सबसे वरिष्ठ आईपीएस हैं.

यानि उनसे ऊपर के चार वरिष्ठ अधिकारियों को दरकिनार कर ओमप्रकाश सिंह मुख्यमंत्री की पहली पसंद हैं। वो इस वक्त सीआईएसएफ के महानिदेशक हैं.

सिंह 2020 में रिटायर होंगे और अब उन पर देश के सबसे बड़े पुलिस दल का प्रभार होगा.

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