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नई दिल्ली: ‘धम्म विजय दिवस’ समारोह में सम्राट अशोक महान की समतामूलक शासन पद्धति को याद किया गया

नई दिल्ली, नेशनल जनमत ब्यूरो।

विश्व के महानतम सम्राट, अशोक महान द्वारा स्थापित किए गये स्तंभ वास्तव में समतामूलक शासन पद्दति का प्रतीक है। इसीलिए स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद देश के बुद्धिजीवियों ने अशोक स्तंभ को राष्ट्रीय प्रतीक के रुप में अपनाया। उक्त बातें राजस्थान सरकार के अति. मुख्य सचिव ओ. पी. सैनी ने कहीं।

श्री सैनी शनिवार को नई दिल्ली स्थित सिरि फोर्ट आडिटोरियम में सम्राट अशोक क्लब व अशोका मिशन के तत्वाधान में आयोजित 2279 वें धम्म विजय दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि लोगों को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने सम्राट अशोक के शासन को देश के शासकों के लिए आदर्श शासन बताया।

इस दौरान सम्राट अशोक क्लब के राष्ट्रीय प्रवक्ता डा. सच्चिदानंद मौर्य ने कहा कि भारत के संविधान निर्माताओं ने हजारों वर्षो के इतिहास को खगांला तो उन्हें समतामूलक संस्कृति और सर्वधर्म संभाव पर आधारित लोक कल्याणकारी शासन सम्राट अशोक महान का ही मिला और उसे राष्ट्र के प्रतीक व ध्वज के रुप में अंगीकार किया गया।

समारोह में अशोका मिशन के अध्यक्ष धम्मगुरु लामा लोबजंग जी, डा. सतवीर सिंह, संजय प्रसाद, गीतांजली मौर्य, अशोक कुमार, जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ अध्यक्ष गीता सैनी एवं ताइवान के प्रतिनिधि ने अपने विचार रखें।

कार्यक्रम की अध्यक्षता सम्राट अशोक क्लब – दिल्ली/एन सी आर के अध्यक्ष राजेश कुमार मौर्य ने किया तथा कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों के स्वागत के बाद विषय बिन्दु पर अपने विचार रखें।

कार्यक्रम का संचालन शत्रुघन सिंह ने किया, बच्चों ने रंगा-रंग सांस्कृतिक कार्यक्रम किए। पुरे कार्यक्रम का लाइव वेबकास्ट आई. टी. सेल के अरुण जी, ओमवीर सिंह जी, ब्रिजेश जी, दीपक कुशवाहा एवं अभिनव आदि ने किया और पूरे भारत ने इस कार्यक्रम को लाइव देखा।

क्या है सम्राट अशोका क्लब ?

पिछले 18 सालों से अशोका क्लब नई दिल्ली में धम्म विजय दिवस समारोह का आयोजन करता आ रहा हैं। इस समारोह में आम जनमानस को भारतवर्ष के संविधान, राष्ट्रीय प्रतीकों एवं राष्ट्र कर्तव्यों के प्रति जागरुक किया जाता है तथा राष्ट्र प्रेम की भावना जागृत करने की प्रेरणा दी जाती है।

“सम्राट अशोक क्लब” राष्ट्र समर्पित संस्था है, जो संवैधानिक मूल्यों की स्थापना एवं प्रचार हेतु कार्य करती है तथा उन्हें अक्षुण्ण रखने के लिए समर्पित है। यह संस्था संवैधानिक मूल्यों तथा राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान, कल्याणकारी राज्य की स्थापना, लोकतांत्रिक आस्था का मजबूतीकरण, संसदीय परम्परा का निर्वाह, पंथनिरपेक्षता, स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव, स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण व संवर्धन, स्वतंत्र न्यायपालिका तथा कानून का शासन बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस संस्था की सात राज्यों में सौ से अधिक शाखाएं है तथा इससे दस लाख से अधिक नागरिक प्रत्यक्ष रुप से जुड़े है। “धम्म विजय दिवस” सम्राट अशोक महान के कलिंग विजय के उपरान्त धम्म सम्मत उदात्त आचरण की सार्वभौंम नीति के अंगीकरण के धम्म अवसर पर प्रत्येक वर्ष मनाया जाता है।

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