You are here

पैसों के लालच में पंडितों ने करा दी यादव जी की कुतिया की तेरहवीं, खूब जुटी भीड़

लखनऊ। नेशनल जनमत ब्यूरो

इस समय भी धर्म के नाम पर लोगों को मूर्ख बनाने का धंधा कितना फल-फूल रहा है. एटा जिले के रहने वाले एक यादव परिवार को जिले के ब्राह्मणों ने मूर्ख बनाते हुए उससे मरी हुई कुतिया की तेरहवीं करा दी.

धर्म के नाम पर लोगों को ठगने का धंधा है

दरअसल एटा के रहने वाले सुरेन्द्र यादव और उनकी पत्नी बबली के कोई संतान नहीं है. इसी दौरान करीब 11 साल पहले उन्होंने जूली नाम की एक डॉगी को घर ले आए. लेकिन कुछ दिन पहले घर के बाहर एक वाहन की चपेट में आने से जूली की मौत हो गई. जूली की मौत से यादव दंपत्ति को तोड़ दिया. मानों जैसे परिवार का कोई महत्वपूर्ण सदस्य चला गया. बस इसी अवसर का लाभ उठाकर कुछ जालसाज ब्राह्मणों ने धर्म के नाम पर अपनी कमाई करने के लिए यादव जी को कुतिया की आत्मा की शांति के लिए तेरहवीं कराने का सुझाव दे दिया.

लोग कहेंगे कि पैसे बचाने के लिए नहीं करा रहे कुतिया की तेरहवीं-

कुतिया के  मरने के गम में डूबे यादव जी इसलिए तेरहवीं कराने को तैयार हो गए कि अगर तेरहवी कराने से मना किया तो लोग कहेंगें कि पैसे बचाने के लिए बहाना बना रहे हैं. इसलिए लोकलाज के डर से यादवजी ब्राह्मणों के कहने पर कुतिया की तेरहवीं कराने को तैयार हो गए. और फिर यादव जी को लगा कि चलो इसी बहाने उनकी कुतिया की आत्मा को शांति भी मिल जाएगी.

इस अनूठी तेरहवीं को देखने जुटे हजारों लोग-

लोगों ने इंसानों की तेरहवीं तो सुनी थी पर कुतिया की तेरहवीं को सुनने के बाद हर किसी के मन में इस तेरहवीं का हिस्सा बनने की लालसा जाग उठी. देखते ही देखते आगरा रोड पर रहने वाले यादव जी के घर लोगों का जमघट लगना शुरू हो गया. ऐसे समय में जब इंसानों की तेरहवीं का बहिष्कार किया जा रहा है, पंडितों ने अपनी कमाई करने के लिए कुतिया की भी तेरहवीं करा दी.

 

 

Related posts

Share
Share