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वैंकैया नायडू की गंदी सोच, बोले, किसानों का कर्ज माफ करना आजकल फैशन हो गया है

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो।

राज्य सरकारों द्वारा किसानों का कर्ज माफ करने के फैसलों के बीच केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री वेंकैया नायडू ने इसे फैशन बताया है. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक मुंबई में उन्होंने कहा, ‘आजकल कर्ज माफ करना फैशन बन गया है. केवल असाधारण परिस्थितियों में ही कर्ज को माफ किया जाना चाहिए क्योंकि यह समस्या का अंतिम समाधान नहीं है.’ केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा, ‘हमें व्यवस्था के साथ-साथ किसानों का भी ख्याल रखना होगा.’ वहीं, सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया का विनिवेश किए जाने की अटकलों के बीच उन्होंने कहा कि सरकार का काम व्यापार करना नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा, प्रशासन और अन्य बुनियादी सुविधाओं को उपलब्ध कराने पर ध्यान देना है.

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उधर, वेंकैया नायूड के इस बयान पर विपक्षी दलों की तीखी प्रतिक्रिया आई है. सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा, ‘बीते तीन साल में 30 से 40 हजार किसानों ने खुदकुशी की है, ऐसे में कर्जमाफी को फैशन बताना अन्नदाता का अपमान है.’ उन्होंने आगे कहा कि किसान कर्ज के चलते खुदकुशी कर रहे हैं, जिसकी वजह केंद्र सरकार द्वारा लागत का डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य देने का वादा पूरा न करना है. वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, ‘किसान खुदकुशी कर रहे हैं और वेंकैया नायडू कर्जमाफी को फैशन बता रहे हैं. हमने तो कभी सोचा ही नहीं था कि भाजपा परिस्थितियों का इस तरह मजाक उड़ाएगी.’

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उत्तर प्रदेश के बाद किसानों के उग्र प्रदर्शन को देखते हुए महाराष्ट्र की भाजपा सरकार भी किसानों का कर्जमाफी की घोषणा कर चुकी है. इसके अलावा इस हफ्ते पंजाब और कर्नाटक की कांग्रेस सरकारों ने कर्जमाफी की घोषणा की है. इसी महीने की शुरुआत में मध्य प्रदेश में कर्जमाफी और फसलों की उचित कीमत को लेकर किसानों का प्रदर्शन हिंसक हो गया था. इस दौरान पुलिस फायरिंग में पांच लोग मारे गए थे. हालांकि, केंद्र सरकार ने कर्जमाफी से खुद को अलग रखते हुए कहा है कि राज्यों को इसके लिए खुद के संसाधनों से पैसा जुटाना चाहिए.

साभार – सत्याग्रह

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