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पढ़िए, भाजपा की किसान विरोधी नीतियों पर केन्द्रित ये खास कविता…

इलाहाबाद। नेशनल जनमत ब्यूरो।

महाराष्ट्र से शुरू हुआ किसानों का आंदोलन मध्य प्रदेश में आकर भाजपा सरकार की किसान विरोधी नीतियों के चलते हिंसा में बदल गया. भाजपा के राज में आंदोलनकारी किसानों पर गोलीबारी की गई जिसमें 6 किसानों की मौत हो गई. सोशल मीडिया पर भाजपा सरकार द्वारा किसानों पर गोली चलवाने की निंदा हो रही है. कई सामाजिक चिंतकों ने भाजपा सरकार द्वारा किसानों पर कराई गई गोलीबारी की अपने – अपने ढंग से आलोचना की है. सामाजिक चिंतक और कवि वरूण यादव ने भी अपने ही अंदाज में भाजपा सरकार की किसान विरोधी नीतियों की एक कविता के माध्यम से आलोचना की है …आप लोग भी इस कविता को पढ़िए…
हम भी आपकी तरह इंसान है।

लोगो का कहना है हम किसान है।।

हम तो छोटी-छोटी मुश्किलो से हैरान है।

हम बस अपनी किसानी से ही थोडा परेशान है ।।

जब देखो तब आंधी तूफान बारिस से बर्बाद हो जाती है।

बस यही इतनी सी बात हम किसानो को खल जाती है ।।

ऋण लेकर किसी तरह हम गुजारा करते है।

सरकार की तरफ आशा भरी निगाहो से देखते है ।।

सरकार के ऋण माफी ऐलान से हम फूले नही समाते है।

पर हकीकत मे तो सरकार जी केवल जुमला सुनाते है ।।

हम अपनी मांगो को लेकर जब भी इकट्ठा होते है ।

सरकार जी यातो लाठीचार्ज या फिर गोलियां चलवाते है।।

हमारी मौत पर सरकार जी 1 करोड देने की घोषणा करते है ।

किसानो कि हमदर्दी पाने को झूठे उपवास का ढोंग भी करते है ।।

बस केवल इतनी ही इल्तिजा है हमारी।

सरकार जी सुन लो अब भी अर्जी हमारी।।

फसलो का उचित दाम यदि समय से हमे मिल जाए।

हमारे चेहरे भी खुशी से खिल जाएँ ।।

बाकी हम भी तो आपही की तरह एक इंसान है ।

छोटी छोटी खुशियाँ पाने के लिए परेशान है ।।

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