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बीजेपीराज में किसानों की आत्महत्या बदस्तूर जारी, अब राजस्थान में किसान ने कुएं में कूदकर जान दी

 नई दिल्ली/जयपुर। नेशनल जनमत ब्यूरो।

जब से केन्द्र में पीएम मोदी की अगुआई में सरकार बनी है किसानों की आत्महत्या लगातार बढ़ती ही जा रही है। लोकसभा चुनाव के दौरान पीएम मोदी ने किसानों से वादा किया था कि किसानोे को उनकी फसल की लागत का डेढ़ गुना मूल्य प्राप्त होगा। पर पीएम मोदी का ये वादा भी उनके 15 लाख रूपए देने के वादे की तरह औऱ हर साल दो करोड़ युवाओं को रोजगार देने के वादे की ही तरह जुमला निकला। हालत ये है कि मोदीराज में किसानों की आत्महत्या की दर कांग्रेस के शासन से भी ज्यादा हो गई है।

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ताजा मामला में राजस्थान के कुचामन सिटी का है । यहां के ​हरिपुरा इलाके में रहने वाले एक किसाने प्रभुराम ​ने कुए में कूद कर आत्महत्या कर ली। प्रभुराम प्याज के उचित दाम नहीं मिलने से कई दिनों से परेशान था।

किसी भी राज्य में किसी भी फसल की बंपर उपज होने पर नेता अपनी पीठ थपथपाने लगते हैं पर किसी को इस कारण से किसानों को होने वाली समस्या का अनुमान नहीं है। ज्यादा फसल उपजने से किसानों को फसल का सही दाम नहीं मिल पा रहा है। सही दाम न मिलने के कारण किसान कर्ज में डूब जा रहा है।

कर्ज में डूबा किसान आगे चलकर दुखाी होकर आत्महत्या कर ले रहा है। कुचामन के प्रभूराम की भी यही कहानी है। औऱ लगभग यही कहानी आत्महत्या करने वाले प्रत्येक किसान परिवार की है। पिछले दिनों छत्तीसगढ़ में भी कर्ज से डूबे किसान ने अपने पूरे परिवार को मारकर आत्महत्या कर ली।

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इससे पूर्व पिछले दो माह राजस्थान में तीन किसान आत्महत्या कर चुके है। ये तीनों ही किसान कोटा संभाग के थे जो कि लहसुन के दाम नहीं मिलने से परेशान थे। वहीं वसुंधरा सरकार किसानों की हो रही आत्महत्या को लेकर अभी तक चुप्पी साधे हुए है।

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