You are here

वित्त मंत्री बोले सैनिटरी पैड से नहीं हटेगा GST, लड़कियां बोलीं फिर स्वच्छ भारत की नौटंकी बंद करो

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो 

1 जुलाई से जीएसटी लागू होते ही मोदी सरकार के खिलाफ व्यापारियों के साथ ही आम लोगों का आक्रोश बढ़ता गया। तमाम सारे विरोधों के बीच महिलाओं ने सैनिटरी नैपकिन पर जीएसटी लगाने के खिलाफ केन्द्र सरकार के खिलाफ कई शहरों में प्रदर्शन किए। इसी बीच मंगलवार को संसद में सरकार ने कहा कि सैनिटरी नैपकिंस पर लगाए गए माल एवं सेवा कर (जीएसटी) को हटाने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है.

इसे भी पढ़ें-ये कौन सी योग्यता? हारी हुईं ईरानी के पास 2 मंत्रालय, 7वीं बार के MP संतोष गंगवार सिर्फ राज्यमंत्री

इस खबर के बाहर आते ही सोशल मीडिया पर फिर से सरकार की खिंचाई होना शुरू हो गया। सोशल एक्टीविस्ट और सूचना विभाग में अधिकारी गीता यर्थाथ यादव ने कहा कि एक तरफ तो मोदी सरकार के मंत्री स्वच्छ भारत अभियान का महिमामंडन करके सेल्फी खिंचाते हैं तो दूसरी तरफ महिलाओं की स्वच्छता से जुड़ी सबसे जरूरी चीज को ही जीएसटी के दायरे में लाकर मंहगा कर दिया गया है।

वित्त राज्यमंत्री का जवाब- 

वित्त राज्य मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने लोकसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में बताया कि वर्तमान में सैनिटरी नैपकिंस को जीएसटी के दायरे से हटाने का कोई प्रस्ताव नहीं है.

सैनिटरी नैपकिंस पर रियायती उत्पाद शुल्क छह प्रतिशत और पांच प्रतिशत वैट लगता था और इस तरह जीएसटी पूर्व अनुमानित कुल कर लगभग 12 प्रतिशत था. इसे ध्यान में रखते हुए और जीएसटी परिषद के सुझावों के आधार पर सैनिटरी नैपकिंस पर जीएसटी की 12 प्रतिशत दर निर्धारित की गई है.

इसे भी पढ़ें- BJP विधायक का गनर मनोज तिवारी गिरफ्तार, विधायक निवास में ही रेप करने का आरोप

एनजीओ ने डाली है याचिका- 

गौरतलब है कि सैनिटरी पैड से जीएसटी हटाने की मांग करने वाली एक याचिका पर जवाब मांगते हुए बंबई हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार और महाराष्ट्र सरकार को नोटिस भेजा है. मुंबई के एक गैर सरकारी संगठन शेट्टी वूमन वेलफेयर फाउंडेशन ने 29 जून को सैनिटरी नैपकिंस से जीएसटी हटाने की मांग करते हुए अदालत का रुख किया था.

न्यायमूर्ति मंजूला चेल्लूर और न्यायमूर्ति एमएम जमादार वाली एक खंड पीठ ने केंद्र सरकार और राज्य सरकार को इस संबंध में नोटिस जारी किया है. इस मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी . नई कर व्यवस्था में सैनिटरी नैपकिंस को 12 प्रतिशत कर दर के दायरे में रखा गया है. इससे पहले ऐसी ही एक याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट भी केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर चुके हैं.

केरल की छात्राओं ने भेजे थे वित्त मंत्री को पैड- .

इससे पहले केरल की सत्तारूढ़ पार्टी सीपीआई (एम) के छात्र संघ स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के कार्यकताओं ने ‘ब्लीड विदाउट फियर, ब्लीड विदाउट टैक्स’ स्लोगन के साथ नैपकिन पर टैक्स लगाने के विरोध में में वित्त मंत्री अरुण जेटली को डाक से सेनिटरी नैपकिन भेजे थे। सेनिटरी पैड पर कर लगाने के खिलाफ देश भर में महिला अधिकारों के संगठन प्रदर्शन  कर रहे हैं।

इसे भी पढ़ें-जीएसटी से नाराज केरल की छात्राओं ने अरुण जेटली को भेजे सेनिटरी पैड, बोलीं स्वच्छता अभियान दिखावा है

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Related posts

Share
Share