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अच्छा तो अमित शाह ने राष्ट्रहित में महात्मा गांधी का बोल दिया था ‘चतुर बनिया’

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को ‘चतुर बनिया’ बताने के एक दिन बाद भले ही अपने बयान पर सफाई दी हो. लेकिन सोशल मीडिया पर शनिवार को उनका ये बयान छाया रहा. कहीं इस बयान को लेकर नाराजगी थी तो कोई हल्के मूड में अमित शाह पर चुटकी लेता दिखा. बहरहाल कांग्रेस तल्ख थी और अमित शाह से माफी मांगने की मांग करती रही.

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कब कहा था चतुर बनिया- 

अमित शाह ने शुक्रवार शाम रायपुर के मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम में एक कार्यक्रम में महात्मा गांधी पर टिप्पणी की थी. शाह ने इस दौरान महात्मा गांधी को ‘चतुर बनिया’ बताया था. उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि जब कांग्रेस की स्थापना हुई तब उसमें सभी विचारधाराओं को मानने वाले लोग थे. कांग्रेस की स्थापना किसी विचारधारा के साथ नहीं हुई थी, बल्कि सभी देश की आजादी के लिए साथ आए थे. अमित शाह ने कहा कि महात्मा गांधी दूरदर्शी होने के साथ ही बहुत ‘चतुर बनिया’ थे.

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कांग्रेस ने कहा माफी मांगे अमित शाह – 

कांग्रेस ने बीजेपी अध्यक्ष के इस बयान का विरोध किया. नई दिल्ली में पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि शाह की टिप्पणी ‘स्वतंत्रता सेनानियों, उनके बलिदान तथा गांधी का अपमान है.’ राष्ट्रपिता के बारे में आपत्तिजनक बात कहना राजनीति की स्थापित मर्यादाओं के खिलाफ है. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने महात्मा गांधी पर टिप्पणी के लिए अमित शाह की तीखी आलोचना की और शाह से अपने बयान को वापस लेने तथा देश से माफी मांगने को कहा.

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देखिए सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा-

राहुल लिखते हैं अच्छा तो चतुर बनिया के पीछे भी बीजेपी का कोई राष्ट्रहित छुपा था.

अतुल ने लिखा, ”यह दुखद है कि महात्मा गांधी का अपमान करना फ़ैशन बन गया है.”

समीर रॉय लिखते हैं, ”एक बार फिर महात्मा गांधी की हत्या कर दी गई है.”

ललित यादव कहते हैं, ”महात्मा गांधी राष्ट्रपिता हैं. उनके लिए किसी भी तरह का अपमानजनक शब्द इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए.

रोहन पटेल ने कहा, ”चतुर बनिया होना कोई बुराई नहीं है. बुराई तो है धूर्त होना, मौकापरस्त होना, सत्ता कुर्सी के लिए अपने मुद्दों से समझौता करना, अपने चुनावी वादों और बातों से पलटना.’

अजय निरंजन लिखते हैं अमित शाह खुद बहुत बड़ा चतुर है. वो किसी को क्या चतुर बोलेगा.

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