You are here

तो क्या गोबर और गोमूत्र खरीदेगी, बच्चों के लिए ऑक्सीजन ना खरीद पाने वाली भगवा सरकार ?

नई दिल्ली/लखनऊ, नेशनल जनमत ब्यूरो।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में गाय एक राजनीतिक पशु और गौसेवा राजनीतिक शब्द बन गया है। भगवाधारी लोग सड़क पर घूम रही आवारा गायों को दाना भले ही ना खिलाएं लेकिन गौमांस के नाम पर किसी की भी पिटाई करने के लिए तत्पर रहते हैं। शायद यही वजह है कि प्रदेश में दिनों दिन आवारा जानवरों की की संख्या बढ़ती जा रही है। भा

बड़ी संख्या में छुट्टा घूम रहे गाय, बैल और बछड़ों ने सड़कों पर चलना दूभर कर दिया है। इतना ही नहीं आवारा जानवर खेती-किसानी के लिए भी एक बड़ी मुसीबत बन गए हैं। इन सब बातों को देखकर प्रदेश के एक प्रमुख गौरक्षा संगठन ने राज्य सरकार को उसकी मंशा के अनुरूप ही गोबर और गोमूत्र खरीदने का सुझाव दिया है।

उत्तर प्रदेश समेत देश के 14 राज्यों में काम कर रहे सर्वदलीय गोरक्षा मंच के अध्यक्ष जयपाल सिंह ने कहा कि राज्य में मुख्य मार्गों पर गोवंशीय पशुओं के लावारिस घूमने से समस्याएं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि लोग काम लायक न रहे अपने जानवरों को सड़क पर छोड़ रहे हैं।

अगर सरकार उनके गोबर और गोमूत्र खरीदने की गारंटी ले ले तो एक भी गोवंशीय पशु सड़क पर नज़र नहीं आएगा। वहीं राज्य गोसेवा आयोग का भी मानना है कि वह इन दोनों चीजों के सदुपयोग से गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।

सर्वदलीय गोरक्षा मंच के अध्यक्ष जयपाल सिंह के मुताबिक, उनके संगठन ने केंद्र और यूपी सरकार को यह पहले ही सुझाव दे रखा है। उन्होंने आगे कहा, जिस तरह एक स्वदेशी कंपनी गोनाइल बना रही है, उसी तरह का उपक्रम सरकार क्यों नहीं शुरू करती। इससे सरकार को लाभ मिलेगा और गोवंश की रक्षा भी होगी।

गो सेवा आयोग के अध्यक्ष का कहना है- 

वहीं मुख्य सचिव के बराबर दर्जा रखने वाले उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष राजीव गुप्ता के मुताबिक, हमारा पूरा प्रयास गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर है। यह काम गोबर और गोमूत्र के सुदपयोग से ही संभव होगा। अध्यक्ष ने आगे कहा, गोबर का इस्तेमाल खाद और कीटनाशक बनाने में इस्तेमाल होता है। जबकि दवाइंया बनाने में गोमूत्र का प्रयोग किया जाता है।

उन्होंने कहा कि ऐसी कोशिश होगी कि जैविक खाद बनाने के लिए कृषि विभाग, उर्वरक विभाग गोबर खरीदें और दवाइयां बनाने के लिए औषधि निर्माण इकाइयां गोमूत्र खरीदें। इसके लिए व्यवस्था बनाई जाएगी।

PM मोदी के ‘ना खाऊंगा ना खाने दूंगा’ को केशव मौर्य की चुनौती, बोले खाओ लेकिन दाल में नमक के बराबर

जातिवाद खात्मे के लिए केन्द्रीय मंत्री का बयान, गैर बिरादरी में शादी करने से खत्म होगी असमानता

UPPSC के गेट पर ‘यादव आयोग’ लिखने वालों के राज में APO पद पर 40 फीसदी ब्राह्मणों का चयन

हिन्दूवादी संगठन की धमकी, RSS अगर मारना शुरू कर दे तो लेखकों का कुनबा ही नहीं बचेगा

PM को गुंडा कहना मानहानि नहीं है, अगर कोई साबित कर दे कि प्रधानमंत्री वास्तव में गुंडा है

Related posts

Share
Share