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भगवाधारी ताकतों के खिलाफ लिखने वालीं वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की घर में घुसकर गोली मारकर हत्या

नई दिल्ली/बेंगलुरू। नेशनल जनमत ब्यूरो। 

दक्षिणपंथी ताकतों के खिलाफ लिखने वाली वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश बेंगलुरू में गोली मारकर हत्या कर दी गई है। हमलावरों ने उनके घर में घुसकर उन्हें गोली मारी है। वैचारिक मतभेदों के चलते वह कुछ लोगों के निशाने पर थीं। पुलिस इस मामले की तफ्तीश कर रही है।

गौरी लंकेश दक्षिणपंथी धड़े की कड़ी आलोचक मानी जाती थीं। ऐसा कहा जा है कि वैचारिक मतभेद के कारण गौरी लंकेश कुछ लोगों के निशाने पर थीं। 55 वर्षीय लंकेश प्रसिद्ध कवि और पत्रकार पी लंकेश की बेटी थीं।

वह हमेशा संघ के संगठनों और देश में सांप्रदायिक हिंसा के खिलाफ लिखती थीं। डिप्टी कमिश्नर अनुचेथ ने बताया, हत्या करने वालों को बेनकाब करने के लिए तीन स्पेशल पुलिस टीम का गठन किया गया है। हम इस मामले में लोगों से पूछताछ और राज्य की आंतरिक और बाहरी सीमा पर वाहनों की जांच की जा रही है।

गौरी लंकेश कन्नड़ भाषा की साप्ताहिक लंकेश पत्रिका की संपादक थीं। उन्हें निर्भीक और बेबाक पत्रकार माना जाता था। वह कर्नाटक की सिविल सोसायटी का चर्चित चेहरा भी थीं। वह वामपंथी विचारधारा से प्रभावित थीं और हिंदुत्ववादी राजनीति की मुखर आलोचक थीं।

बीबीसी के मुताबिक, “गौरी को पिछले कुछ सालों से श्रीराम सेना जैसी दक्षिणपंथी विचारधारा वाले संगठनों से कथित तौर पर धमकियां मिल रही थीं। बीजेपी के एक नेता ने उनके ख़िलाफ़ मानहानि का दावा भी किया था।

लेखिका और पत्रकार राणा अय्यूब ने बीबीसी से बात करते हुए कहा, गौरी लंकेश ने कई बार उन्हें बताया था कि उनकी विचारधारा, लेखों और भाषणों पर उन्हें हत्या की धमकियां मिलती रही हैं।

कर्नाटक में किसी पत्रकार या लेखक की हत्या का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले दलित लेखक कलबुर्गी की हत्या की गई। वहीं महाराष्ट्र में वामपंथी नेता गोविंद पंसारे की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

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