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तो क्या अधिकारियों ने ही एनआरएचएम घोटाले से जुड़ी फाइलों को लगवा दी आग !

लखनऊ।नेशनल जनमत ब्यूरो।

बीते दिनों लखनऊ स्थित वाणिज्य कर भवन में लगी आग की पूरे शहर में चर्चा है. भवन में लगी आग में एनआरएचएम घोटाले से जुड़ी फाइलों के जलकर खाक होने से इस भवन में लगी आग को लेकर संदेह के बादल उमड़ रहे हैं. लोगों का अनुमान है कि एनआरएचएम घोटाले से जुड़ी फाइलों को जलाने के लिए ही वाणिज्य कर भवन में आग लगाई गई है.

आपको बता दें कि शहर में शक्ति भवन के पीछे स्थित वाणिज्य कर भवन में 14 जून को लगी आग में लाखों रुपये की संपत्ति ही नहीं नेशनल रूरल हेल्थ मिशन (एनआरएचएम) घोटाले की वे अहम फाइलें भी जलकर खाक हो गईं, जिन्हें बाबुओं के एक गुट ने सीबीआई जांच के दौरान दबा दिया था.

अफसर नहीं दे रहे फाइलों का ब्योरा

वहीं, अफसरों का तर्क है कि फाइल जल गई तो क्या हुआ एनआरएचएम में घोटाला करने वाली फर्मों का पूरा ब्योरा सीबीआई के पास है. इसके अलावा अग्निकांड में कौन से अहम दस्तावेज राख हुए इसका ब्योरा सेक्टर 14,15 एवं 16 के अफसर दबा रहे हैं. मामला दबाने के लिए वे शासन तक पैरवी भी कर रहे हैं.

वाणिज्य कर मुख्यालय के सीनियर एडिशनल कमिश्नर (प्रशासन) ने शनिवार को घटना स्थल का निरीक्षण किया. इसमें सामने आया कि एनआरएचएम के तहत फर्जी सप्लाई करने वाली फर्मों की फाइल भी जलकर राख हो गई हैं.

वाणिज्य कर विभाग के पास अब एनआरएचएम घोटाले से जुड़ा कोई सबूत नहीं

वाणिज्य कर विभाग के पास इस घोटाले का अब कोई साक्ष्य नहीं है. यही नहीं एनआरएचएम में अरबों रुपये का फर्जीवाड़ा उजागर हुआ तो एक कर्मचारी नेता सहित तीन लिपिकों ने यह फाइल दबा दी.

सीबीआई को भी फाइले मुहैया नहीं करा रहे थे अफसर

सीबीआई को जब फर्मों का ब्योरा नहीं मिला तो उसने अफसरों पर शिकंजा कसने का अल्टीमेटम दिया था. इसके बाद एनआरएचएम घोटाले की फाइल एक लिपिक ने लौटाई, जिस पर कार्रवाई हुई थी.

इसके बाद विभाग ने फर्मों का डुप्लीकेट दस्तावेज सीबीआई को दिए थे. मुख्यालय के अफसरों को शक है कि एनआरएचएम घोटाले की फाइल सहित अन्य दस्तावेजों को ठिकाने लगाने के लिए साजिशन आग लगाई गई है.

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