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CM योगी की हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं की दरिंदगी घर में घुसकर लड़की को जिंदा जलाया

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने के बाद अपराध थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. हैरत की बात तो ये है कि अपराधों में योगी आदित्यनाथ और उनके संगठन हिन्दू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं के शामिल होने से सरकार की किरकिरी भी खूब हो रही है. हालिया मामला बरेली जिले का है जहां लड़की को जिंदा जलाने के मामले में हिंदू युवा वाहिनी के दो कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है.

आरोप है कि छेड़छाड़ का विरोध करने पर लड़की को ज़िंदा जला दिया गया. अस्पताल में इलाज के दौरान पीड़ित ने दम तोड़ दिया. यूपी पुलिस के मुताबिक घटना शाही थाना इलाक़े की है. इस मामले में बरेली पुलिस ने युवती के पिता की तहरीर पर केस दर्ज किया था. हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं को लड़की से छेड़छाड़ की कोशिश और ज़िंदा जलाकर मारने के आरोप में अरेस्ट किया गया है.

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क्या है पूरा मामला?

मामला बरेली के शाही थानाक्षेत्र के गणेशपुर इलाके का है. आरोप है कि पड़ोस में रहने वाले शख्स ने लड़की को सरेआम सड़क पर छेड़ने की कोशिश की थी. जिसके बाद पीड़ित ने इसकी शिकायत आरोपी की बहन से की. इसी के बाद वो रंजिश रखते हुए बदला लेने की फिराक में था.

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आरोपों के मुताबिक सोमवार की रात उसने एक बार फिर छेड़छाड़ की कोशिश की. इस हरकत का विरोध करते हुए जब लड़की ने शोर मचाया, तो सिरफिरे ने घर में ही रखे केरोसिन के केन को लड़की पर उड़ेलकर आग लगा दी.

वारदात के बाद आरोपी फरार हो गया. बुरी तरह झुलसी लड़की को जिला अस्पताल लाया गया, जहां उसकी मौत हो गई. इस घटना के बाद हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ता एक बार फिर कठघरे में हैं.

योगी की सेना है हिंदू युवा वाहिनी- 

योगी आदित्यनाथ ने 2002 में हिंदू युवा वाहिनी की स्थापना की थी. यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ सोसाइटी एक्ट के तहत रजिस्टर्ड इस संगठन के मुख्य संरक्षक हैं. इसे योगी सांस्कृतिक संगठन बताते हुए कहते रहे हैं कि संगठन ग्राम रक्षा दल के रूप में राष्ट्र विरोधी और हिंदू विरोधी गतिविधियों को रोकने का काम करता है.

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सियासी जानकार मानते हैं कि हिंदू युवा वाहिनी को बनाने के पीछे दूसरी वजह थी. योगी ने इसे तब बनाया जब वह 1998 में 26 हजार वोट से जीतने के बाद दूसरा चुनाव 1999 में सिर्फ 7322 मतों से जीते. यह भी तथ्य है कि 2002 में हिंदू युवा वाहिनी की स्थापना के बाद से योगी की जीत का अंतर बढ़ता चला गया और 2014 के चुनाव में यह तीन लाख का आंकड़ा पार कर गया.

पूर्वांचल के करीब 25 जिलों में हिंदू युवा वाहिनी का असर माना जाता है. उसके उग्र कार्यकर्ताओं के रवैए से कई बार पूर्वांचल में सांप्रदायिक तनाव के हालात बनते रहे हैं. गोरखपुर, देवरिया, महाराजगंज, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, संतकबीरनगर, मऊ और आजमगढ़ में साम्प्रदायिक हिंसा की दर्जनों घटनाओं में हिंदू युवा वाहिनी से जुड़े लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज हो चुके हैं.

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