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योगीराज: न्योता देने से मना करने पर ठाकुरों ने नाई समाज के लोगों को पीटा, पैर तोड़कर जला दिया घर

नई दिल्ली/ गोण्डा, नेशनल जनमत ब्यूरो।

उत्तर प्रदेश में मोदी भक्तों ने इसी रामराज की कल्पना में तो बीजेपी को वोट दिया था. ताकि मनु स्मृति के नियमानुसा वर्ण व्यवस्था लागू की जा सके. रामराज में किसी नाई समाज के व्यक्ति को किसने हक दिया कि वो अपने पुश्तैनी कार्य से ठाकुरों को मना कर सके।

अखिलेश सरकार को यादवराज कहकर सत्ता में आई आदित्यनाथ उर्फ अजय सिंह बिष्ट की सरकार में दलितों-पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के खिलाफ होने वाले अपराधों की संख्या में इजाफा हुआ है। हैरत की बात ये है कि ज्यादातर अपराधों में सीएम के स्वजातीय ही संलिप्त हैं। ऐसे में हवा का रुख भांपकर योगी पुलिस इस तरह के मामलों की लीपापोती में जुट जाती है।

ताजा मामला उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले का है। जिले के एक धानेपुर थानाध्यक्ष पर आरोप है कि यहां का थाना नियम कानून नहीं बल्कि दबंगों के इशारे पर चलता है। इसलिए आरोपी ठाकुर जाति से होने पर थाना पुलिस ने पीड़ितों से 4 बार तहरीर बदलवाकर केस को कमजोर करने का सफल प्रयास किया।

क्या है मामला- 

आरोप है कि जातिवादी मानसिकता से घिरे ठाकुरों ने नाई समाज के लोगों द्वारा न्योता बांटने से मना करने पर दो नाई समाज के लोगों की इस तरह से पिटाई कर दी कि एक बेहोश हो गया तो दूसरे का पैर टूट गया। इससे भी गुस्सा शान्त न हुआ तो उनका घर भी जला दिया गया। पुलिस ने एनसीआर दर्ज कर कार्रवाई पूरी मान ली है।

प्रकरण धानेपुर थानान्तर्गत गांव रेतवागाड़ा से जुड़ा है। यहां के निवासी ज्वाला सिंह के यहां कोई कार्यक्रम था। आरोप है कि उसका लड़का विजयकान्त गांव के नाई छोटे लाल व राम कुमार को न्योता बांटने के लिए बुलाने गया। इस पर दोनों ने अपनी दुकान पर व्यस्तता की बात बता कर न्योता बांटने से इन्कार कर दिया।

आरोप यह कि यह लोगों उस समय तो वापस चले आये लेकिन कुछ देर के बाद दुकान से छोटे लाल व राम कुमार को पकड़ लाये और अपने घर पर एक कमरे में बन्द कर जमकर पिटाई की। छोटे लाल के अनुसार पिटाई के वक्त रामकुमार बेहोश हो गया, तो उसे पीएचसी पर लाकर दवा करायी।

जब पीड़ित किसी तरह थाने पहुंचा तो पुलिस शाम तक उन्हे रोके रही फिर दोबारा पीएचसी पर लाई जहां डाक्टरों ने घायलों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया।

पुलिस ने चार बार बदलवाई तहरीर-

योगी सरकार की पुलिस तब तक मुकदमा लिखने में आनाकानी करती रही जब तक तहरीर उसके मनमाफिक नहीं हो गई। छोटे लाल की तहरीर को धानेपुर पुलिस ने चार बार बदलवाया। जब तहरीर में से घर जलाने वाली बात व अमुक व्यक्ति का नाम हटा दिया तब पुलिस ने तहरीर ली।

एसपी ने सीओ को दिये जांच के आदेश- 

थानाध्यक्ष से न्याय ना मिलता देख पीड़ितों ने एसपी से न्याय की गुहार लगाई। मामला पुलिस अधीक्षक के संज्ञान में आने पर उन्होंने सीओ मनकापुर शंकर प्रसाद को जांच कर घटना सही पाये जाने पर मुकदमे में जरूरी धाराएं बढ़ाने के निर्देश दिये हैं।

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