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गोरखपुर महोत्सव में सम्मानित होने वालों में एक भी OBC-SC नहीं, OBC आर्मी ने CM पर लगाया जातिवाद का आरोप

नई दिल्ली/लखनऊ, नेशनल जनमत ब्यूरो। 

धर्म की अफीम खिलाकर जातिवाद खत्म करने का दावा करने वाली योगी सरकार पर लगातार सवर्णवाद के आरोप लगते जा रहे हैं। ओबीसी आर्मी का कहना है कि जातिवाद मिटाने के नाम पर भगवा सरकार ओबीसी-एससी को ही हर जगह से मिटा देना चाहती है।

मलाईदार पोस्टिंग का मामला हो या सरकारी नियुक्तियों और ठेके का, योगी सरकार पर लगातार ठाकुरवाद करने के आरोप लग रहे हैं। बचे पद ब्राह्मणों और अन्य सवर्णों में बांट दिए जा रहे हैं।

हालिया मामला गोरखपुर महोत्सव आयोजन को लेकर है। ओबीसी आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कालीशंकर ओबीसी ने गोरखपुर महोत्सव का मुख्य स्पान्सर, गुटखा बनाने वाली एक कंपनी को बनाने और महोत्सव में सम्मानित किये जाने वाले 9 लोगों में एक भी ओबीसी या एससी जाती का नहीं होने पर आक्रोश व्यक्त किया है.

भारतीय संविधान सभी जाति, धर्मो को समान अवसर प्रदान करने की बात करता है परन्तु देखने में आया कि गोरखपुर महोत्सव में विभिन्न क्षेत्रों की 9 विभूतियों को सम्मानित किया जाना है, वे केवल और केवल सामान्य वर्ग से आते है।

क्या गोरखपुर में ओबीसी-एससी में कोई विभूति नहीं है- 

कालीशंकर ओबीसी बोले मैं चयनित विभूतियों का विरोध नहीं कर रह रहे हैं लेकिन यह भी जानना चाहता हूँ कि क्या ओबीसी, एससी व एसटी वर्ग से गोरखपुर में कोई महान विभूति नहीं है। इस पर मुझे आपत्ति है।

गोरखपुर क्षेत्र में सर्वाधिक आबादी ओबीसी, एससी व एसटी की है। गोरखपुर के पूर्व सांसद व वर्तमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सार्वधिक इन्हीं वर्गो से वोट भी मिलता है तो ऐसा भेद-भाव क्यों किया जा रहा है। जिसे ओबीसी व एससी वर्ग के लोग बहुत ही संवेदनशीलता के साथ देख रहे है।

इन 9 विभूतियों को मिलेगा सम्मान-

गोरखपुर महोत्सव के अंतिम दिन गोरखनाथ मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार में आयोजित समापन समारोह में प्रो. शिवाजी सिंह, यूपी सिंह, केडी शाही, प्रो. दशरथ द्विवेदी, देशदीपक वर्मा, डॉ. प्रवीण चंद्रा, वीपी शाही, रवींद्र श्रीवास्तव, डॉ. एलपी पांडेय को सम्मानित किया जाएगा।

विरोध जताने वालों का कहना है कि क्या सरकार को सिर्फ सवर्णों में विभूति नजर आती हैं। ओबीसी-एससी-एसटी और अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों में क्या कोई प्रतिभा ही नहीं है।

स्पान्सर एक गुटखा कंपनी क्यों ?

ओबीसी आर्मी ने कमिश्नर को ज्ञापन देकर से गुटखा निर्माता कंपनी शुद्ध प्लस को गोरखपुर महोत्सव के मुख्य स्पान्सर से तत्काल हटाने की मांग की है. उन्होंने ने कहा कि पान मसाला/ गुटखा स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है . इसके बावजूद पान मसाला व गुटखा निर्माता कम्पनी शुद्ध प्लस को गोरखपुर महोत्सव का स्पान्सर बनाया गया है।

जिससे लगता है कि गुटखा व पान मसाला को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा युवाओं, छात्रों और आम जनता में प्रोत्साहित किया जा रहा है जो जनहित में कदापि नहीं है। मैं प्रशासन के लोगों व आयोजको से जानना चाहता हूँ कि क्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सहमति है कि शुद्ध प्लस को गोरखपुर महोत्सव का स्पान्सर बनाया जाये ?

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