You are here

पीएम की काशी में GST के विरोध में व्यापारियों संग सड़क पर भीख मांगने उतरे राष्ट्रपति प्रत्याशी

नई दिल्ली/लखनऊ। नेशनल जनमत ब्यूरो

एक जुलाई से लागू होने वाले जीएसटी यानि गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स के लागू होने से पहले ही सरकार को व्यापारियों के जबरदस्त विरोध का सामना करना पड़ रहा है. टैक्स सुधार के नाम पर आधी- अधूरी तैयारी के सा्थ शुरू किए जा रहे जीएसटी को लेकर व्यापारियों में जबरदस्त आक्रोश है. इसी आक्रोश को व्यक्त करने के लिए देश भर में व्यापारी अपने ढ़ंग से विरोध जता रहे हैं.

इसे भी पढ़ें- पीएम आवास से 50 मीटर दूरी पर स्वच्छ भारत अभियान का काला सच

वाराणसी में जीएसटी के विरोध में सड़कों पर उतरे अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के साथ राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार ने भीख मांगकर उनका साथ दिया. दरअसल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लोकसभा क्षेत्र वाराणसी से आने वाले नरेंद्र नाथ ” अडिग ” ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया है. उन्होंने भी जीएसटी के विरोध में भीख मांगकर व्यापारियों को अपना समर्थन दिया.

पांच बार से नामांंकन कर रहे हैं अडिग- 

वाराणसी की सड़को पर स्थानीय व्यापारियो के साथ जीएसटी के विरोध में भीख मांगने वाला यह सख्स कोई आम आदमी नही बल्कि देश मे होने वाले राष्ट्रपति पद के चुनाव में उम्मीदवार है . पिछले 5 बार से राष्ट्रपति पद के लिए नामांकन कर चुके नरेन्द्र नाथ “अडिग” जीएसटी के विरोध में भीख मांग रहे है . उनका कहना कि वह व्यापारियो के साथ जीएसटी के विरोध में भिक्षाटन कर रहे है. जीएसटी को जिस प्रकार जबरन थोपने का काम केंद्र सरकार ने किया है वह गलत है . केंद्र की इस तानाशाही का मै भी व्यापारियों के साथ विरोध करता रहूँगा .

इसे भी पढ़ें- आरक्षण के जनक शाहूजी महाराज यूं ही नहीं बन गए बहुजन प्रतिपालक, पढ़िए उनका जीवन संघर्ष

जीएसटी का टैक्स घटाने की मांग- 

अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल की ओर से रविवार को चितरंजन पार्क, दशाश्वमेध में भिक्षाटन कर जीएसटी का विरोध किया गया।महानगर अध्यक्ष राकेश जैन के नेतृत्व में व्यापारियों ने जीएसटी के सरलीकरण की मांग की। जैन ने बताया देश के छोटे व मझोले व्यापारियों ने देश का व्यापार तंत्र संभाला हुआ है। वह कम से कम दस परिवारों को रोजगार देता है। सरकार व्यापारियों को कानूनी जंजाल में फंसा रही है। व्यापारी अपनी कमाई सीए को देगा, छोटी सी गलती पर अफसर रुपये खाएंगे या व्यापारी को जेल भेज देंगे।

इसे भी पढ़ें- मोदराज- ओबीसी-एससी-एसटी के साथ अन्याय, अब मेडीकल कॉलेजों में 15 फीसदी सवर्णों को 50.5 फीसदी आरक्षण

प्रदेश उपाध्यक्ष शेषपाल गर्ग ने कहा कि जीएसटी में लगे 28 प्रतिशत टैक्स को घटाकर 18 प्रतिशत  किया जाए और जो समाधान योजना 75 लाख की जगह 1 करोड़ रुपए किया जाए. सरकार के जेल भेजने की जो बातें कही जा रही है उसे हटाया जाए क्योंकि इससे व्यपारियों में डर का माहौल है कि आगे जेल भेजने के नाम पर अधिकारी इन्हें प्रताड़ित करेंगे .

Related posts

Share
Share