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गुजरात चुनाव में हार्दिक इफैक्ट : पटेलों के गढ़ सौराष्ट्र में BJP को 23 फीसदी वोटों का नुकसान

नई दिल्ली, नेशनल जनमत ब्यूरो। 

बीजेपी के लिए नाक का प्रश्न गुजरात विधानसभा चुनाव में पटेल बाहुल्य क्षेत्रों में हार्दिक पटेल का इफैक्ट चलता दिखाई दे रहा है। दो दिन पहले ही खबर आई थी कि पाटीदार बाहुल्य गावों में लोग गांव के बाहर बैनर लगाकर बीजेपी नेताओं को गांव में घुसने के लिए प्रतिबंधित कर रहे हैं।

अब ताजा ओपिनियन पोल में पाटीदारों के गढ़ उत्तरी गुजरात यानि सौराष्ट्र में बीजेपी को 23 फीसदी वोटों का नुकसान पहुंचता दिख रहा है जबकि कांग्रेस को इस क्षेत्र से बढ़त के आसार हैं।

गुजरात का असर 2019 के लोकसभा चुनावों पर दिखेगा- 

गुजरात विधान सभा चुनाव में एक महीने ही रह गए हैं। पहले चरण की वोटिंग 9 दिसंबर को होगी, जबकि दूसरे चरण में 14 दिसंबर को वोट डाले जाएंगे। ऐसे में सभी राजनीतिक दलों ने चुनाव जीतने के लिए अपनी-अपनी ताकत झोंक दी है।

बीजेपी के लिए यह चुनाव नाक की लड़ाई बनी हुई है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह गुजरात से ही आते हैं। गुजरात चुनाव हाथ से निकलने का मतलब है 2019 के लिए बीजेपी की राह कठिन होना क्योंकि 2014 में हुए आम चुनावों में गुजरात मॉडल को ही पीएम मोदी ने रैलियों में महिमामंडित किया था।

यही वजह है कि इन दोनों नेताओं का तूफानी चुनावी दौरा और चुनावी सभाएं गुजरात में हो रही हैं। उधर, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी नए तेवर और अंदाज में गुजरातियों को लुभाने के लिए जी-तोड़ मेहनत कर रहे हैं। पाटीदार आरक्षण के नेता हार्दिक पटेल भी चुनावों में अहम भूमिका निभाने वाले हैं। पाटीदारों को दोनों दल तोड़ने में लगे हैं।

– लोकनीति-सीएसडीएस के सर्वे में 50 फीसदी महिलाओं का झुकाव बीजेपी के पक्ष में है जबकि 39 फीसदी महिलाएं कांग्रेस के पक्ष में हैं।

– मध्य गुजरात की 40 सीटों पर बीजेपी को 54 फीसदी वोट मिलने के आसार, कांग्रेस को 38 फीसदी वोट मिलने की उम्मीद। बीजेपी को इस इलाके में 2 फीसदी वोट के नुकसान जबकि कांग्रेस को 8 फीसदी ज्यादा वोट मिलने के आसार हैं। 1 सितंबर को जारी ओपिनियन पोल में बीजेपी को 56 फीसदी वोट और कांग्रेस को मात्र 30 फीसदी वोट मिलता दिख रहा था।

– उत्तर गुजरात की 53 सीटों पर बीजेपी को 44 फीसदी और कांग्रेस को 49 फीसदी वोट मिलने के आसार हैं। बीजेपी को इस इलाके में 15 फीसदी वोट का नुकसान हो सकता है जबकि कांग्रेस को इस इलाके में भी 16 फीसदी वोटों का फायदा होने के आसार हैं।

बीजेपी ने ओपनियन पोल से सहमत होने से इनकार किया है। 1 सितंबर को जारी ओपिनियन पोल में बीजेपी को 59 फीसदी वोट और कांग्रेस को मात्र 33 फीसदी वोट मिलता दिख रहा था।

– सौराष्ट्र-कच्छ इलाके की 54 सीटों पर बीजेपी और कांग्रेस दोनों को 44-42 फीसदी वोट मिलने के आसार। बीजेपी को 23 फीसदी का नुकसान जबकि कांग्रेस को 16 फीसदी वोटों का फायदा हो रहा है। कच्छ-सौराष्ट्र में पाटीदारों की आबादी ज्यादा।

पाटीदारों का रुझान कांग्रेस की तरफ बढ़ा है। 1 सितंबर को जारी ओपिनियन पोल में बीजेपी को 65 फीसदी वोट और कांग्रेस को मात्र 26 फीसदी वोट मिलता दिख रहा था।

– लोकनीति और सीएसडीएस ने मिलकर किया है ओपिनियन पोल का सर्वे।

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