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गुजरात में बच्चों को कबड्डी खेलने की सजा 200 दंड बैठक, छड़ी से पिटाई और 3 घंटे की धूप

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो।

2014 के लोकसभा चुनाव से पहले गुजरात के चुनाव की काफी चर्चा थी। मीडिया ने भी पीेएम मोदी के गुजरात के विकास का जमकर बखान किया था। पर नरेन्द्र मोदी के पीएम बनने के बाद गुजरात के विकास की सच्चाई धीरे-धीरे लोगों को समझ में आने लगी. ताजा मामला गुजरात के उदयपुर का है यहां के एक स्कूल में सिर्फ कबड्डी खेलने को लेकर एक बच्चे को 200 बार उठक – बैठक लगाने को कहा गया। इसके बाद भी जब अध्यापक का मन नहीं भरा तो उसने बच्चे को छड़ी से पीटा।

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खेल शिक्षा का अनिवार्य हिस्सा है। आज खेल के क्षेत्र कई हस्तियां मौजूद हैं जिन्होंने देश का नाम रौशन किया। विडंबना यहा है कि पीएम मोदी के गुजरात में बच्चों को खेलने पर कड़ा दंड दिया जा रहा है। हाल में गुजरात की शिक्षा व्यवस्था को लेकर कई ऐसे गंभीर मामले सामने आए हैं जिससे कई सवाल उठने लगे हैं। गुजरात के छोटा उदयपुर की प्राथमिक स्कूल में बच्चों के साथ खेल को लेकर इतनी ज्यादती की गई लोग सोचने पर मजबूर हैं। यहां पांचवी क्लास के आठ बच्चों को कबड्डी खेलने की ऐसी सजा दी गई कि बच्चे दुबारा कभी खेल के बारे में सोच भी नहीं पाएंगे। बच्चों के साथ यह अमानवीय व्यवहार कड़ाछला स्कूल में किया गया है। आरोप है कि यहां के शि​क्षकों ने बच्चों को ये सजा सुनाई।

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मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इन मासूम बच्चों को कबड्डी खेलने की सजा के तौर पर 150 से 200 बार उठक-बैठक कराने को कहा गया। इतना ही नहीं छड़ी से मारा गया और 3 घंटे चिलचिलाती धूप नंगे पांव खड़ा रहने को कहा गया। बच्चों को दिए गए इन सजाओं से कोई भी अंदाजा लगा सकता है कि अब ये बच्चे कभी भूले-भटके भी खेल की तरफ देखेंगे।

रिपोर्ट के मुताबिक स्कूल के पास के आश्रम से पढ़ाई के लिए आने वाले बच्चे लंच के समय कबड्डी खेल रहे थे। उसी वक्त एक शिक्षिका वहां आई और बच्चों को डांटने फटकारने लगी। इतना ही नहीं उसने बच्चों को 150 से 200 उठक-बैठक करने को कहा। जिन बच्चों को ये सजा मिली उनमें 5 से लेकर 8वीं क्लास तक के बच्चे थे। आरोप है कि उठक-बैठक ख़त्म होने के बाद दूसरी सजा के तौर पर डंडे से मारा गया। पिटाई से बच्चों को चोटे भी आई हैं।

डंडों की पिटाई से भी शिक्षिका का गुस्सा कम नहीं हुआ तो उन्होंने बच्चों को कड़ी धूप में 3 घंटे खड़े रहने की सजा सुना दी।

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