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GST के विरोध में बंद है सबसे बड़ा कपड़ा बाजार, सड़क पर लाखों व्यापारी ‘गोदी मीडिया’ से खबर गायब

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो 

देश में नोटबंदी के बाद महिमामंडित कर की गई दूसरी बड़ी घोषणा जीएसटी यानि गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स लागू हुए नौ दिन हो गए हैं लेकिन इसका विरोध बदस्तूर जारी है। बस फर्क इतना है कि गोदी मीडिया को ये लाखों की भीड़ व्यापारियों का विरोध, फिजूल की मंहगाई नजर नहीं आ रही। गोदी मीडिया अपनी स्वामी भक्ति में नोटबंदी के बाद लिए गए इस बेतुके फैसले को देशहित में लिया गया सबसे बड़ा फैसला साबित करने पर तुली है।

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गुजरात में लगातार हो रहा है विरोध- 

शनिवार को गुजरात के सूरत में लाखों कपड़ा व्यापारी जीएसटी के विरोध में सड़क पर उतरे। शहर के टेक्सटाइल मार्केट से लेकर रिंग रोड तक मार्च निकाला गया. सूरत में ही 40 हजार से भी ज्यादा थोक कपड़ा व्यापारी एक जुलाई से हड़ताल पर चल रहे हैं।

सूरत के पुलिस आयुक्त सतीश शर्मा ने बताया कि ”हालात बेकाबू हो गए थे ऐसे में हमें मजबूरन लाठीजार्च करना पड़ा.” वहीं दूसरी ओर व्यापारियों का कहना है कि वह शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे.

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व्यापारियों का कहना है कि गार्मेंट के कारोबार में कई चरण होते हैं इसलिए जीएसटी लागू होने से उनकी परेशानियां कई गुना ज्यादा बढ़ गई हैं. एक अनुमान के मुताबिक सूरत में कपड़ा कारोबार ठप होने से रोज करीब 150 करोड़ का नुकसान हो रहा है.

जीएसटी के विरोध में दो हफ्ते से बंद है कपड़ा बाजार-

देश का सबसे बड़ा कपड़ा बाज़ार सूरत टेक्सटाइल मार्केट जीएसटी के ख़िलाफ़ पिछले दो हफ़्तों से बंद है. इसके चलते कई लोग बेरोज़गार हो गए हैं. सूरत में करीब 70000 कपड़ा व्यापारियों की हड़ताल का ये दूसरा सप्ताह है. व्यापारियों का कहना है कि यार्न से आगे की प्रक्रिया पर 5 प्रतिशत जीएसटी नहीं होना चाहिए. उनके मुताबिक इसका बहुत सारा काम छोटे मज़दूर और कारोबारी करते हैं. जीएसटी से उनको बड़ा नुकसान हो सकता है.

3 जुलाई को किया था लाठीचार्ज- 

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इससे पहले सूरत में व्यापारियो के प्रदर्शन पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया था जिसमें कई व्यापारियों को चोटें भी आईं थीं। 3 जुलाई को हजारों की संख्या में सड़कों पर उतरे सूरत में कपड़ा कारोबारियों ने जीएसटी का विरोध करते हुए जमकर नारेबाजी की थी. कारोबारियों की संख्या देख पुलिस के हाथ पांव फूल गए और उसने कारोबारियों पर लाठीचार्ज कर दिया था.

30 जून की आधी रात को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने देश में जीसएटी लॉन्च किया था. इसके साथ ही सभी इन-डायरेक्ट टैक्स खत्म कर दिया गया है और प्रोडक्ट को चार टैक्स स्लैब 5%, 12%,18% और 28% में रखा गया है. आपको बता दें कि देश में सीथेंटीक्स कपडे के उत्पादन का 60 % काम सूरत में ही होता है.

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