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गुजरात में गौरक्षको और बूचड़खानों के गठजोड़ का गोरखधंधा आया सामने

वडोदरा। नेशनल जनमत डेस्क

एक तरफ़ गौरक्षक गायों की रक्षा के नाम पर सरेआम गुंड़ागर्दी कर रहे हैं तो वहीं गुजरात के वडोदरा में बाबू देसाई नामक गौरक्षक ने बूचड़खानों से गठजोड़ करके 8 गायों और कुछ बछड़ों को कटने के लिए बूचड़खाने भेज दिया. बाबू देसाई अखिल भारतीय सर्वदलीय गौरक्षा महाअभियान समिति, अहमदाबाद से जुड़ा हुआ है.

सूत्रों के हवाले से खबर है कि मुखबिरों से पुलिस को सूचना मिली थी कि गायों को स्थानांतरित करने के नाम पर बूचड़खाने भेजा जा रहा है. इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने वडोदरा में गोल्डन चौकड़ी से गायों और बछड़ो से भरा एक ट्रक बरामद कर लिया.

जानकारी मिली थी कि 2 मई की शाम को एक ट्रक से गायों और बछड़ों को भेजा जा रहा है। उन्होंने तुरंत स्थानीय पुलिस अधिकारियों को इसकी सूचना दी। हरनी क्षेत्र पुलिस स्टेशन ने गोल्डन चौकड़ी पर ट्रक को पकड़ा लिया।

जब पुलिस और पशु कल्याण स्वयंसेवकों ने ट्रक की जांच की तो 12 गाय और बछड़ों को रस्सी से बंधे हुए पाया। जानवरों के लिए भोजन या पानी की कोई व्यवस्था नहीं थी। पुलिस ने ट्रक चालक इब्राहिम साहचखान सिंधी और नारायण हरजी राबड़ी को गिरफ्तार कर लिया।
जांच के बाद पुलिस को पता चला कि वे जानवरों को भरूंच स्थित बूचड़खाने में ले जा रहे थे।पुलिस को बाबू देसाई के हस्ताक्षर वाला पत्र मिला जिसमें लिखा था कि जानवरों को महाराष्ट्र में पशु आश्रय में ले जाया जा रहा है।

बाबू देसाई ने कृष्णनगर पुलिस स्टेशन, अहमदाबाद और स्थानीय आरटीओ से भी अनुमति ली है जिसमें उन्होंने कहा कि वे श्रीनाथजी गोशाला, नवा नरोदा से 7 गायों को समराला, महाराष्ट्र में दे रहे हैं। बाबू देसाई कथित रूप से गुजरात की विभिन्न नगर पालिकाओं और निगमों से गायों को लेकर श्रीनाथजी गोशाला के माध्यम से बूचड़खानों में बेच देते थे।

इस सम्बन्ध में हरनी पुलिस ने तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है जिसमें बाबू करसनभाई देसाई, ड्राइवर और क्लीनर शामिल हैं।

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