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कम महत्व के मंत्रालय मिलने से डिप्टी CM नितिन पटेल नाराज, हार्दिक के ऑफर से BJP की धड़कनें बढ़ीं

नई दिल्ली/अहमदाबाद, नेशनल जनमत ब्यूरो। 

हार्दिक पटेल के सत्ता विरोधी संघर्ष से इतना तो फर्क जरूर पड़ा है कि गुजरात में अपराजेय माने जाने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जबरदस्त चुनौती का सामना करना पड़ा। इतना ही नहीं अब पार्टी के भीतर भी पाटीदार नेता अपनी हिस्सेदारी के लिए आवाज बुलंद करने लगे हैं।

खबर ये है कि गुजरात के डिप्टी सीएम नितिन पटेल पिछली बार की अपेक्षा इस बार कम महत्व के मंत्रालय दिए जाने से बीजेपी नेतृत्व से नाराज हैं। बीजेपी के लिए चिंता का विषय ये है कि गुजरात के उप-मुख्यमंत्री नितिन पटेल की नाराजगी को पाटीदार नेताओं ने तूल देना शुरू कर दिया है।

डिप्टी सीएम नितिन पटेल का समर्थन करते हुए पाटीदार नेता लालजी पटेल ने एक जनवरी को मेहसाणा ‘बंद’ करने का आह्वान किया है। उन्होंने एक कदम आगे बढ़कर नितिन पटेल को गुजरात का मुख्यमंत्री नहीं बनाए जाने की सूरत में पूरे राज्य के बंद की धमकी दी है।

1 जनवरी को मेहसाणा बंद रखने का आह्वान- 

सरदार पटेल ग्रुप (SPG) के संयोजक लालजी पटेल ने शनिवार को उप-मुख्यमंत्री व उनके दर्जनों समर्थकों के साथ गांधीनगर के उनके सरकारी आवास पर जाकर मुलाकात की।

इसके बाद लालजी पटेल ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘भाजपा बार-बार नितिन-भाई पटेल के साथ अन्याय कर रही है। आज मैंने उनसे और मेहसाणा के उनके समर्थकों से मुलाकात करने के बाद निर्णय लिया है कि एक जनवरी को मेहसाना बंद रखा जाएगा’’

नितिन पटेल मेहसाणा से ही विधायक हैं। जहां पाटीदारों की संख्या काफी है और यह जगह पाटीदार आरक्षण आंदोलन के केंद्र में भी रही। पिछली सरकार में नितिन पटेल को वित्त और शहरी विकास जैसे मंत्रालय दिए गए थे, जबकि नई सरकार में उन्हें कम महत्त्वपूर्ण माने जाने वाले सड़क और इमारत और स्वास्थ्य जैसे विभागों का भार सौंपा गया है।

अभी तक न सचिवालय गए न सुरक्षा ली- 

उपमुख्यमंत्री पटेल महत्वपूर्ण वित्त, शहरी विकास और पेट्रोरसायन विभाग छीने जाने से पार्टी से नाराज चल रहे हैं। वित्त एवं पेट्रोरसायन विभाग सौरभ पटेल को दिया गया है, जिन्हें विजय रूपानी की पिछली सरकार में जगह नहीं दिया गया था।

रूपानी ने शहरी विकास विभाग अपने पास रखा है। इससे क्षुब्ध, नितिन पटेल शुक्रवार को गांधीनगर में सचिवालय नहीं गए, जबकि उनके साथ मंत्रिमंडल के सभी नए साथियों ने अपना कार्यभार संभाल लिया।

यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि वह पार्टी से भी इस्तीफा दे सकते हैं। उन्होंने अभी तक सरकारी वाहन और सुरक्षा भी नहीं ली है।

हार्दिक बोले नितिन पटेल को पार्टी छोड़ देना चाहिए- 

वहीं पटेल आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल ने कहा है कि नितिन पटेल को चाहिए कि वे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) छोड़कर कांग्रेस पार्टी में शामिल हो जाएं।

हार्दिक पटेल ने अहमदाबाद में कहा, “अगर वह (नितिन पटेल) और अन्य 10 विधायक पार्टी छोड़ कांग्रेस में शामिल होते हैं तो मैं और मेरे समर्थक पार्टी में नितिन पटेल का स्वागत करने के लिए कांग्रेस नेतृत्व से बातचीत करने के लिए तैयार हैं।”

हार्दिक ने कहा, “अगर भाजपा वर्षों तक पार्टी के निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाले नितिन पटेल जैसे वरिष्ठ नेता का ध्यान नहीं रख सकती, तो नितिन पटेल को पार्टी से इस्तीफा दे देना चाहिए।” उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस नेतृत्व से नितिन भाई को पार्टी में वरिष्ठ स्थान देने को कहेंगे और उन्हें कम से कम 10 विधायकों के साथ कांग्रेस में शामिल होना चाहिए।

हार्दिक ने भाजपा के पटेल नेताओं से उपमुख्यमंत्री को समर्थन देने के लिए कहा। पटेल ने कहा, “अगर भाजपा पटेलों का आदर नहीं करती है तो उन्हें पार्टी छोड़ देनी चाहिए और नितिन पटेल का साथ देना चाहिए।”

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